विवेकानंद चौक पर स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह
सोनीपत में स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर विवेकानंद चौक पर एक भव्य और अनुशासित समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं, बल्कि स्वामी विवेकानंद के विचारों को वर्तमान पीढ़ी से जोड़ना रहा।
समारोह की शुरुआत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और माल्यार्पण से हुई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद को एक महान दार्शनिक के साथ-साथ सामाजिक चेतना के वाहक के रूप में स्मरण किया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की दिशा दिखाई। उनका संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था।
कार्यक्रम के दौरान शिकागो धर्म सम्मेलन में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख किया गया, जिसने भारत की आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। वक्ताओं ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में उनका जन्मदिवस मनाया जाना युवाओं के प्रति उनके योगदान को सम्मान देने का प्रतीक है।
आयोजन में युवाओं को नशामुक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे। इस आयोजन ने सोनीपत में सामाजिक एकता और वैचारिक जागरूकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।