22 साल से फरार सजायाबी गिरफ्तार, बिहार से काबू
Image source : Faridabad Police Press Release
फरीदाबाद में लंबे समय से लंबित एक आपराधिक मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। 22 साल से फरार सजायाबी गिरफ्तार होने के बाद पुलिस ने पुराने डकैती प्रकरण में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2003 में सजा सुनाए जाने और बाद में जमानत मिलने के पश्चात आरोपी न्यायिक प्रक्रिया से दूर चल रहा था।
अपराध शाखा सेक्टर-56 की टीम ने तकनीकी निगरानी और गोपनीय सूचना के आधार पर बिहार से आरोपी को काबू किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरफ्तारी न्यायालय के लंबित वारंटों के अनुपालन में की गई है।
22 साल से फरार सजायाबी गिरफ्तार: क्या है पूरा मामला
जनवरी 2001 में फरीदाबाद के सेक्टर-17 निवासी एक व्यापारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 7–8 अज्ञात बदमाशों ने उनके घर में घुसकर परिवार को हथियारों के बल पर बंधक बनाया और नकदी व आभूषण लूटकर फरार हो गए। इस घटना ने उस समय शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया था। न्यायालय में सुनवाई के उपरांत वर्ष 2003 में एक आरोपी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।हालांकि बाद में उसे उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई। जमानत के बाद आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ और लंबे समय तक फरार रहा। न्यायालय ने पुनः गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, लेकिन वह लगातार ठिकाना बदलता रहा।
इनामी घोषणा और विशेष टीम का गठन
आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस उपायुक्त (अपराध) की निगरानी में अपराध शाखा सेक्टर-56 को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।लगातार प्रयासों के बावजूद आरोपी की लोकेशन स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। अंततः तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को बिहार में उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली।पुलिस ने उस पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। हाल ही में टीम ने बिहार के सहरसा जिले में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
ट्रांजिट रिमांड और आगे की कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तारी के बाद स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है। आरोपी को फरीदाबाद लाकर संबंधित जिला अदालत में पेश किया जाएगा।कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक फरार रहने से आरोपी की स्थिति और जटिल हो सकती है। अदालत इस अवधि और जमानत शर्तों के उल्लंघन को भी संज्ञान में ले सकती है।
अपराध पर सख्ती का संदेश
फरीदाबाद पुलिस पिछले कुछ समय से लंबित मामलों और इनामी अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुराने मामलों को निपटाने और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए तकनीक और इंटर-स्टेट समन्वय का सहारा लिया जा रहा है।इस कार्रवाई को कानून के प्रति जवाबदेही और न्यायिक आदेशों के अनुपालन के रूप में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
22 साल से फरार सजायाबी गिरफ्तार होने की यह कार्रवाई दर्शाती है कि गंभीर अपराधों में सजा से बच पाना आसान नहीं है। भले ही आरोपी वर्षों तक कानून की पकड़ से बाहर रहे, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया अंततः अपना रास्ता खोज लेती है। यह मामला लंबित प्रकरणों में पुलिस की सक्रियता और कानूनी व्यवस्था की निरंतरता का उदाहरण है।