उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने भ्रूण हत्या रोकने के लिए कड़े कदमों की घोषणा की।
पलवल के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि जिला प्रशासन कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए कड़े कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग जांच पर 3 से 5 साल तक की जेल व 10,000 से 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कन्या भ्रूण हत्या से जुड़े सही सुराग देने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा, और सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आरोप सिद्ध होने पर संबंधित डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया जाएगा और दोबारा अपराध सामने आने पर स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा।
डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि लिंगानुपात सुधारना सामूहिक जिम्मेदारी है और समाज तभी आगे बढ़ेगा जब बेटियों को बराबरी का सम्मान मिलेगा। उन्होंने बताया कि भ्रूण लिंग जांच में पकड़े जाने पर अल्ट्रासाउंड सेंटर का पीएनडीटी पंजीकरण तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। नकली ग्राहक बनकर भ्रूण हत्या रोकने में सहयोग करने वाली गर्भवती महिला को 50,000 रुपये का इनाम भी दिया जाता है।