दिल्ली में दूषित पेयजल आपूर्ति पर कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव का कड़ा बयान
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने राजधानी में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में जांचे गए पानी के 33 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, जो सीधे-सीधे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। यादव ने आरोप लगाया कि जल बोर्ड के तहत 25 लैब होने के बावजूद केवल दो ही ग्लोबल स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं, जो व्यवस्था की बड़ी कमजोरी को दर्शाता है।
उन्होंने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार विभाग और सरकारें समय रहते नहीं जागीं तो दिल्ली में भी हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि गंदे पानी की आपूर्ति सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि जनता के प्रति अपराध है और इससे बड़ी संख्या में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
यादव ने जल परीक्षण लैबों के कम एक्रेडिटेशन दर पर भी चिंता जाहिर की और कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में जल जीवन मिशन की बात तो होती है, लेकिन घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने में सरकारें नाकाम रही हैं। उन्होंने मांग की कि सभी प्रयोगशालाओं को मान्यता दी जाए, निगरानी मजबूत हो और दूषित जल आपूर्ति के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।