मुख्यमंत्री के ओएसडी विरेन्द्र बढख़ालसा सेमिनार में उद्घाटन करते हुए
सोनीपत, 12 जनवरी। दीन बंधू छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल में स्वदेशी उद्योग और विकसित भारत विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बलिदानी दादा कुशल सिंह दहिया (बीडीकेएसडी) स्किलिंग एंड इकोनॉमिक डेवलपमेंट काउंसिल द्वारा आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री के ओएसडी विरेन्द्र बढख़ालसा ने उद्घाटन करते हुए कहा कि स्वदेशी उद्योग केवल आर्थिक साधन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आत्मसम्मान और वैश्विक पहचान का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ नीतियों के तहत स्थानीय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।
मुख्य वक्ता डॉ. राज नेहरू ने युवा प्रतिभाओं को आत्मनिर्भर बनने और कौशल विकास के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का आह्वान किया। वहीं, विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार पवन चौधरी ने हरियाणा और तंजानिया के बीच पिछले वर्ष व्यापार में 18 प्रतिशत की वृद्धि का विवरण साझा किया। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों, प्लाईवुड, माइनिंग और आईटी स्किलिंग में हरियाणा के उद्यमियों के लिए तंजानिया में असीम संभावनाएँ हैं।
कार्यक्रम में हरियाणा के निवेशकों द्वारा तंजानिया में स्थापित कंपनियों का उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया, जिससे देसी उद्योगों की वैश्विक पहुंच का स्पष्ट संकेत मिला। अंत में युवाओं को कौशल प्रमाण पत्र वितरित किए गए और उन्हें निर्यात, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग और वैश्विक व्यापार विस्तार के लिए मार्गदर्शन दिया गया।
विशेषज्ञों और नीति-निर्धारकों की उपस्थिति ने सेमिनार की महत्वता बढ़ाई। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि हरियाणा को स्वदेशी उद्योगों का वैश्विक हब बनाया जा सके।