दयालु-टू योजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करते उपायुक्त डॉ. हरीश वशिष्ठ
पलवल, 14 जनवरी। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर घूम रहे पशुओं, आवारा या पालतू कुत्तों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में मृतक या दिव्यांग हुए नागरिकों के पात्र परिवारों को ‘दयालु-टू योजना’ का लाभ बिना देरी के प्रदान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए।
बुधवार को जिला सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के माध्यम से दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के अंतर्गत ‘दयालु-टू योजना’ लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में पशुओं या कुत्तों के कारण प्रभावित परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा ‘दयालु-टू योजना’ पोर्टल की शुरुआत की गई है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और डिजिटल हो गई है। पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए परिवार पहचान पत्र (PPP) का होना अनिवार्य है।
डॉ. वशिष्ठ ने निर्देश दिए कि जो आवेदक ‘दयालु-टू’ के दायरे में नहीं आते, उन्हें ‘दयालु-वन योजना’ के अंतर्गत कवर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए स्वयं योग्य परिवारों से संपर्क कर सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में परिवार को 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि चोट लगने की स्थिति में न्यूनतम 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। आवेदन नागरिक dapsy.finhry.gov.in पोर्टल या जन सहायक मोबाइल ऐप के माध्यम से कर सकते हैं।