सोनीपत में नेत्रदान को लेकर एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां स्वर्गीय नफे सिंह दहिया के परिजनों ने दुख की घड़ी में भी मानवता का परिचय देते हुए उनका नेत्रदान करवाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ज्योत्सना ने इस पुण्य कार्य की सराहना करते हुए आमजन से नेत्रदान के लिए आगे आने की अपील की है।
सीएमओ डॉ. ज्योत्सना ने कहा कि नेत्रदान मानव सेवा का सर्वोच्च रूप है, जिसके माध्यम से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में फिर से उजाला लाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय नफे सिंह दहिया द्वारा किया गया नेत्रदान समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है, जो अन्य नागरिकों को भी इस पुण्य कार्य के लिए प्रेरित करेगा। परिवार द्वारा लिया गया यह निर्णय सामाजिक चेतना और संवेदनशीलता का प्रतीक है।
डॉ. ज्योत्सना ने जानकारी दी कि मृत्यु के पश्चात नेत्रदान एक सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक प्रक्रिया है। इसके लिए किसी विशेष आयु, जाति या वर्ग की बाध्यता नहीं होती, केवल नेत्रों का स्वस्थ होना आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि समय पर किया गया नेत्रदान दो लोगों को नई दृष्टि देकर उनके जीवन को पूरी तरह बदल सकता है।
सीएमओ ने आम नागरिकों से आग्रह किया कि वे न केवल स्वयं नेत्रदान का संकल्प लें, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए जागरूक करें। नेत्रदान जैसे कार्य से समाज में फैली दृष्टिहीनता को कम किया जा सकता है और जरूरतमंद लोगों के जीवन में आशा की किरण लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे महान कार्यों से ही एक संवेदनशील और जिम्मेदार समाज का निर्माण संभव है।