फतेहपुर बिल्लौच में कुल्हाड़ी से हमला, पुलिस जांच
बल्लभगढ़ में दिनदहाड़े हिंसा की घटना
हरियाणा के बल्लभगढ़ क्षेत्र के गांव फतेहपुर बिल्लौच में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। 22 जनवरी 2026 की सुबह एक दुकानदार पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें हमलावरों ने कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार का इस्तेमाल किया। यह घटना न केवल स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर गई।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार ने थाना सदर बल्लभगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके भाई पवन की गांव फतेहपुर बिल्लौच में “चंचल ट्रेडिंग” नाम से दुकान है। करीब तीन से चार वर्ष पहले बलराम और वेदप्रकाश नामक दो युवक इस दुकान पर काम करते थे। दुकान से जुड़े आर्थिक लेनदेन को लेकर विवाद सामने आया, जिसके बाद पवन ने दोनों को काम से हटा दिया।
यहीं से दोनों पक्षों के बीच तनाव शुरू हो गया। समय के साथ यह तनाव रंजिश में बदल गया और आखिरकार हिंसा का कारण बना।
हमले की योजना और वारदात
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से ही बदला लेने की नीयत बना ली थी। 21 जनवरी की शाम को दोनों आरोपियों ने पवन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गांव में रेकी की, लेकिन उस समय पवन नहीं मिला। इसके बाद 22 जनवरी की सुबह करीब 10 से 10:30 बजे के बीच आरोपी सीधे पवन की दुकान पर पहुंचे।
बताया गया कि एक आरोपी ने देसी कट्टे से फायर करने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चल सकी। इसके तुरंत बाद दूसरे आरोपी ने कुल्हाड़ी से पवन के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पवन को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर बल्लभगढ़ पुलिस और अपराध शाखा ऊंचा गांव की टीम सक्रिय हो गई। तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और गुप्त सूत्रों की मदद से पुलिस ने 27 जनवरी 2026 को गांव चांदपुर बस अड्डा के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बलराम उर्फ बाली (25 वर्ष) और वेदप्रकाश उर्फ बेदु (38 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी फरीदाबाद जिले के प्रहलादपुर गांव के निवासी हैं और आपस में रिश्तेदार भी बताए जा रहे हैं।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
पुरानी रंजिश और सामाजिक पहलू
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और छोटे विवादों के हिंसक रूप लेने की प्रवृत्ति को भी उजागर करता है। रोजगार, आर्थिक लेनदेन और आपसी विश्वास जैसे मुद्दों पर समय रहते समाधान न होने से इस तरह की घटनाएं जन्म लेती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले ही स्तर पर विवाद सुलझा लिया जाता, तो शायद यह हिंसा टाली जा सकती थी।
पुलिस का संदेश
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद को कानून अपने हाथ में लेकर हल करने की बजाय प्रशासन और कानूनी माध्यमों का सहारा लें। समय पर दी गई सूचना और सहयोग से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।