उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में हुई बैठक
पलवल में SIR अभियान पर प्रशासन की सख्ती
पलवल जिले में मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) की समय पर नियुक्ति सुनिश्चित करना और पुनरीक्षण प्रक्रिया में दलों की सक्रिय भागीदारी तय करना रहा।
क्यों जरूरी है विशेष गहन पुनरीक्षण
लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव मतदाता सूची की शुद्धता पर टिकी होती है। समय के साथ मतदाताओं की उम्र पूरी होना, स्थानांतरण, मृत्यु या अन्य कारणों से सूची में बदलाव आवश्यक हो जाता है। ऐसे में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र नाम सूची में न बना रहे।
2002 और 2024 की मतदाता सूची का होगा मिलान
बैठक में डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने स्पष्ट किया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत वर्ष 2024 की मतदाता सूची का मिलान वर्ष 2002 की सूची से किया जाएगा। यह कदम डुप्लीकेट प्रविष्टियों को रोकने और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन को मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने बताया कि यदि किसी मतदाता का नाम दोनों सूचियों में पाया जाता है तो उससे अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे, हालांकि बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराए गए एन्यूमरेशन फॉर्म को भरना अनिवार्य रहेगा।
बूथ लेवल एजेंट की भूमिका क्यों अहम
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। बीएलए, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और मतदाताओं के बीच सेतु का काम करते हैं। वे अपने-अपने बूथ क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर बदलावों की पहचान करते हैं, जैसे—
- 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाता
- स्थायी रूप से स्थानांतरित हुए मतदाता
- जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है
इन सूचनाओं के आधार पर ही मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सकता है।
राजनीतिक दलों से समयबद्ध नियुक्ति का आग्रह
बैठक में सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया गया कि वे योग्य, जिम्मेदार और नियमों से परिचित प्रतिनिधियों को बीएलए के रूप में नामित करें। उपायुक्त ने कहा कि बीएलए की जानकारी समय रहते सीईओ हरियाणा, उपायुक्त कार्यालय और जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे पुनरीक्षण कार्य में किसी प्रकार की देरी या भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी।
प्रशिक्षण और आचार संहिता पर भी चर्चा
बैठक के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े दिशा-निर्देश, बीएलए के कर्तव्य और आचार संहिता की जानकारी भी साझा की गई। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि बीएलए का कार्य पूरी तरह निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप होना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है।
प्रशासन और दलों के बीच समन्वय पर जोर
डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जिला प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे अभियानों में सभी पक्षों का सहयोग मिलने से ही मतदाता सूची पर जनता का विश्वास बढ़ता है।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इनमें सीटीएम प्रीति रावत, भारतीय जनता पार्टी से जय राम प्रजापति, इंडियन नेशनल कांग्रेस से कुलदीप कुमार और देवेश कुमार, इंडियन नेशनल लोकदल से उदय वीर सहरावत, बहुजन समाज पार्टी से नंद राम तथा आम आदमी पार्टी से मूलचंद शामिल थे। सभी ने अपने-अपने दलों की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया।
भविष्य की चुनावी तैयारियों से जुड़ा कदम
प्रशासन का मानना है कि समय रहते की गई यह प्रक्रिया आने वाले चुनावों में किसी भी प्रकार की तकनीकी या कानूनी समस्या से बचने में मदद करेगी। सही और अद्यतन मतदाता सूची न केवल निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करती है, बल्कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने में भी सहायक होती है।