विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडल का अवलोकन करते अतिथि
विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने की पहल
पलवल जिले में विज्ञान शिक्षा और नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए डॉ. बी. आर. अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में अन्तरजिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी विज्ञान एवं तकनीकी विभाग, हरियाणा के तत्वावधान में 28 जनवरी 2026 को आयोजित हुई, जिसमें फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिलों के राजकीय महाविद्यालयों की छात्र टीमों ने भाग लिया।
इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक ज्ञान से जोड़ना, वैज्ञानिक सोच विकसित करना और कक्षा में पढ़े गए सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना था।
मुख्य अतिथि ने बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह
कार्यक्रम में जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी डॉ. रामनिवास यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके आगमन पर कार्यवाहक प्राचार्य दिलबाग सिंह सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकों और स्टाफ सदस्यों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
विभिन्न विषयों के मॉडलों का प्रदर्शन
अन्तरजिला विज्ञान प्रदर्शनी में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, भूगोल, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और कम्प्यूटर विज्ञान से संबंधित मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों ने ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार, जैव विविधता, डिजिटल समाधान और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से जुड़े विषयों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रदर्शनी में प्रस्तुत किए गए मॉडलों का मूल्यांकन अनुभवी निर्णायकों द्वारा किया गया, जिन्होंने विषय की प्रासंगिकता, प्रस्तुति की स्पष्टता, नवाचार और व्यावहारिक उपयोगिता जैसे मानकों के आधार पर प्रतिभागियों का आकलन किया।
विजेता प्रतिभागियों को मिला सम्मान
प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि डॉ. रामनिवास यादव ने विजेता विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करती हैं और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं।
शिक्षा में प्रयोगात्मक दृष्टिकोण की जरूरत
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। विज्ञान जैसे विषयों में प्रयोगात्मक और मॉडल आधारित शिक्षण से ही विद्यार्थियों में वास्तविक समझ विकसित होती है। इस प्रकार की प्रदर्शनियां विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को मंच देने का अवसर प्रदान करती हैं।
आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार
डॉ. बी. आर. अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य दिलबाग सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्य अतिथि, निर्णायकों, अन्य महाविद्यालयों से आई टीमों, उनके इंचार्जों और महाविद्यालय के समस्त स्टाफ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से यह प्रदर्शनी सफल और प्रेरणादायक बनी।
छात्रों में दिखा खास उत्साह
प्रदर्शनी के दौरान छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने अपने-अपने मॉडलों के माध्यम से जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया। दर्शकों और निर्णायकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का आत्मविश्वास से उत्तर देना छात्रों की तैयारी और समझ को दर्शाता रहा।