39वें सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट फेस्टिवल के लिए की गई सुरक्षा तैयारियां
31 जनवरी से 15 फरवरी तक सजेगा सूरजकुंड मेला
देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका 39वां सूरजकुंड इंटरनेशनल आत्मनिर्भर क्राफ्ट फेस्टिवल 2026 इस वर्ष 31 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। फरीदाबाद के ऐतिहासिक सूरजकुंड परिसर में लगने वाले इस अंतरराष्ट्रीय मेले को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर वर्ष लाखों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक इस मेले में पहुंचते हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को इस बार और अधिक सुदृढ़ किया गया है।
2000 से अधिक पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
फरीदाबाद पुलिस ने मेले की सुरक्षा के लिए 2000 से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की है। पुलिस उपायुक्त एनआईटी मकसूद अहमद को मेला का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनके सहयोग के लिए एसीपी और डीएसपी स्तर के 17 वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे। पुलिस का उद्देश्य है कि मेले में आने वाले प्रत्येक आगंतुक को सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
पुलिस आयुक्त ने की सुरक्षा समीक्षा बैठक
29 जनवरी को पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने मेला ड्यूटी में नियुक्त अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी पर केवल शारीरिक रूप से फिट पुलिसकर्मियों को ही तैनात किया जाए। साथ ही, आमजन के साथ पुलिसकर्मियों का व्यवहार सौहार्दपूर्ण और सहयोगी होना चाहिए।
पुलिस आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी पहचान पत्र के साथ ड्यूटी करें और उनका टर्नआउट अनुशासित व बेहतर हो। ड्यूटी पर तैनात बल के लिए रहने, खाने और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि वे बिना किसी असुविधा के अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
वीकेंड पर अतिरिक्त बल और चिकित्सा सुविधा
मेले के दौरान विशेष रूप से वीकेंड पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। साथ ही मेला परिसर में चिकित्सा सुविधाएं और एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच व्यवस्था
सुरक्षा के मद्देनजर मेला परिसर में कुल पांच प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जिनमें एक वीवीआईपी गेट भी शामिल है। सभी प्रवेश द्वारों पर आगंतुकों की फ्रिस्किंग और बैग स्कैनर से जांच की जाएगी। महिला आगंतुकों की जांच के लिए महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है। रात्रि समय में प्रत्येक प्रवेश द्वार पर एक रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें आने-जाने वाले व्यक्तियों का विवरण दर्ज किया जाएगा।
सुरक्षा गार्डों का सत्यापन अनिवार्य
मेले में तैनात निजी सुरक्षा गार्डों का पुलिस द्वारा सत्यापन किया गया है। इसके साथ ही उनके साथ बैठक कर सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देश भी साझा किए गए हैं, ताकि पुलिस और निजी सुरक्षा के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।
यातायात और पार्किंग की विशेष व्यवस्था
आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यातायात और पार्किंग व्यवस्था को इस बार विशेष रूप से मजबूत किया गया है। मेले में कुल 11 सामान्य पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां यातायात पुलिस द्वारा वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग कराई जाएगी। यातायात संकेत लगाए गए हैं और सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सड़क या मार्ग पर वाहन खड़े न किए जाएं।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए चार पीसीआर वाहन और छह राइडर यूनिट्स दिन-रात दो शिफ्टों में तैनात रहेंगी।
छह पुलिस जोन में बंटा मेला परिसर
सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरे मेला परिसर को छह पुलिस जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की निगरानी एसीपी या डीएसपी स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी। इसके अलावा 12 मचान स्थापित किए गए हैं, जहां से पुलिसकर्मी दूरबीन के माध्यम से पूरे क्षेत्र पर नजर रखेंगे।
CCTV, ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की तैनाती
मेले की सुरक्षा के लिए 600 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त ड्रोन कैमरों से भी मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। एंटी-डिस्पोजल टीम और डॉग स्क्वॉड को 24 घंटे तैनात रखा गया है।
नाके, बैरिकेटिंग और कमांडो पिकेट
मेला परिसर के चारों ओर सुरक्षा के लिए छह नाके तीन शिफ्टों में लगाए गए हैं। बाहरी सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए अलग से 10 नाके और नौ बैरिकेटिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न जोन में 10 पिकेट स्थापित की गई हैं, जहां कमांडो स्तर के पुलिसकर्मी हथियार और वॉकी-टॉकी के साथ तैनात रहेंगे। सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
कंट्रोल रूम और खोया-पाया काउंटर
आगंतुकों की सुविधा के लिए मेला परिसर में पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी आपात स्थिति या पुलिस सहायता के लिए आमजन सीधे यहां संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही खोया-पाया काउंटर भी बनाया गया है, जहां किसी व्यक्ति या वस्तु के गुम होने की सूचना दी जा सकेगी।