जिला स्तरीय समाधान शिविर में लोगों की समस्याओं पर निर्देश देते उपायुक्त सुशील सारवान
सोनीपत जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में उपायुक्त सुशील सारवान ने स्वयं उपस्थित होकर लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इस शिविर में कुल 31 शिकायतें दर्ज की गईं, जिन पर प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया।
उपायुक्त ने कहा कि समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। जिला और उपमंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि शिकायतों का निपटारा एक ही मंच से किया जा सके।
विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें हुईं दर्ज
जिला स्तरीय समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतें कई विभागों से संबंधित थीं। इनमें फैमिली आईडी, बिजली, पंचायत, जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, राजस्व और सामाजिक सुरक्षा जैसी सेवाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं। उपायुक्त सुशील सारवान ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में तय समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
फैमिली आईडी और बिजली मीटर से जुड़ा मामला
जीवन नगर, सोनीपत निवासी सरोज बाला ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी फैमिली आईडी में चार बिजली के मीटर दर्ज हो गए हैं, जिससे उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। इस पर उपायुक्त ने बिजली विभाग को तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने और त्रुटि सुधारने के निर्देश दिए, ताकि संबंधित परिवार को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अवैध कब्जा और जल निकासी की समस्या
जटवाड़ा गांव निवासी सुरेंद्र ने अवैध कब्जा हटवाने को लेकर शिकायत रखी। उपायुक्त ने इस मामले में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के माध्यम से शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, बैंयापुर गांव निवासी जयनारायण ने गांव में जल निकासी की समस्या का मुद्दा उठाया। इस पर संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए कि मौके पर निरीक्षण कर स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि बरसात के मौसम में ग्रामीणों को परेशानी न हो।
पीडब्ल्यूडी और तहसील से जुड़े मामले
जुआ गांव निवासी दीपक ने लोक निर्माण विभाग द्वारा दबाई गई पाइपलाइन और कनेक्शन से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। उपायुक्त ने विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाए और प्रभावित व्यक्ति की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।
इसके अलावा, जमालपुर निवासी दिलीप कुमार ने इंतकाल से संबंधित शिकायत रखी। उपायुक्त ने तहसील कार्यालय को निर्देश दिए कि मामले का तुरंत निपटान किया जाए और आवेदक को समय पर सूचना दी जाए।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी शिकायतें
समाधान शिविर में वृद्धावस्था पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को तुरंत दूर किया जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी सुभाष चंद्र, नगराधीश डॉ. अनमोल, डीसीपी नरेंद्र कादियान, जिला राजस्व अधिकारी सुशील शर्मा, डीडीपीओ मनीष मलिक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की मौजूदगी से शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को गति मिली और कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
खरखोदा उपमंडल में भी आयोजित हुआ समाधान शिविर
जिले के खरखोदा उपमंडल स्तर पर भी समाधान शिविर का आयोजन किया गया। यहां एसडीएम निर्मल नागर ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं। इस शिविर में कुल छह शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें दो शिकायतें फैमिली आईडी से संबंधित, दो खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय से जुड़ी, एक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से और एक तहसील में इंतकाल से संबंधित थी।
एसडीएम निर्मल नागर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान किया जाए और आवेदकों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की जवाबदेही बढ़ाने की पहल
समाधान शिविर प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों के जरिए न केवल शिकायतें दर्ज की जा रही हैं, बल्कि विभागों की जवाबदेही भी सुनिश्चित हो रही है। अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुंचकर समस्याएं सुन रहे हैं, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों में वृद्धि हो रही है।