प्रशासन से परिचय अभियान के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को सम्मान पत्र प्रदान करते अधिकारी
सोनीपत जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी कार्यप्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से चलाए गए “प्रशासन से परिचय अभियान” के तहत चयनित मेधावी विद्यार्थियों को गुरुवार को सम्मानित किया गया। लघु सचिवालय में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन ने अभियान के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यार्थियों को सम्मान पत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह अभियान 28 अगस्त से 2 दिसंबर तक चला, जिसमें जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रशासनिक अनुभव से जोड़ना था, ताकि वे शासन व्यवस्था को करीब से समझ सकें।
विद्यार्थियों को मिला प्रशासन को समझने का अवसर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन ने कहा कि प्रशासन से परिचय अभियान विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ है। इस अभियान के माध्यम से छात्रों को सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली, प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया और विभिन्न विभागों के कार्यों की वास्तविक जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ इस प्रकार के व्यावहारिक अभियानों में भागीदारी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि आज के समय में विद्यार्थियों के लिए केवल परीक्षा आधारित शिक्षा पर्याप्त नहीं है। उन्हें यह समझना आवश्यक है कि प्रशासन, उद्योग और संस्थान किस प्रकार कार्य करते हैं, ताकि वे भविष्य में अपने करियर से जुड़े निर्णय सोच-समझकर ले सकें।
पीएम श्री और मॉडल संस्कृति विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी
प्रशासन से परिचय अभियान में जिले के सभी पीएम श्री राजकीय विद्यालयों और सरकारी मॉडल संस्कृति विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। अभियान के दौरान छात्रों को प्रशासन की विभिन्न गतिविधियों, विभागीय समन्वय और जनसमस्याओं के समाधान की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
विद्यार्थियों ने समाधान शिविरों में भाग लेकर यह जाना कि आम नागरिक अपनी समस्याएं किस प्रकार प्रशासन के समक्ष रखते हैं और उनका निपटारा किन चरणों में किया जाता है। इससे छात्रों को प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ।
पांच विद्यार्थियों का विशेष चयन
अभियान के समापन पर भाग लेने वाले विद्यालयों में से पांच मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया गया। इन विद्यार्थियों को “प्रशासन से परिचय प्रतिनिधि” के रूप में नामित किया गया था। चयनित विद्यार्थियों ने उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों का ईमानदारी और समझदारी से निर्वहन किया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इन विद्यार्थियों का चयन उनके अनुशासन, सहभागिता और सीखने की जिज्ञासा के आधार पर किया गया। यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी मिला सम्मान
अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में प्रशासन, जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में विचार अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करती हैं और उन्हें सामाजिक विषयों पर सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।
तीन माह का व्यावहारिक अनुभव
लगभग तीन माह तक चले इस अभियान के दौरान विद्यार्थियों को न केवल प्रशासनिक कार्यालयों, बल्कि विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों और कंपनियों का भी भ्रमण कराया गया। छात्रों ने समाधान शिविरों, जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों, निफ्टम, जेबीएम सहित अन्य संस्थानों का दौरा किया।
इन भ्रमणों के माध्यम से विद्यार्थियों ने उद्योग, प्रशासन और संस्थागत कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा। इससे उन्हें यह स्पष्ट करने में मदद मिली कि भविष्य में वे किस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
करियर मार्गदर्शन में सहायक पहल
प्रशासन से परिचय अभियान को करियर मार्गदर्शन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विद्यार्थियों ने प्रशासनिक अधिकारियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। इससे उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा और भविष्य के प्रति स्पष्टता आई।
अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के अभियानों से विद्यार्थियों को सरकारी सेवाओं, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण मिलता है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस सम्मान समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया, एसीपी राजदीप मोर, जिला परियोजना अधिकारी कृष्णा खत्री, जॉइंट कमिश्नर मीतू धनखड़, एडीसी कार्यालय से नितिन सहित जिले के सभी पीएम श्री और मॉडल संस्कृति विद्यालयों के प्राचार्य, विद्यार्थी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया।