अपराध शाखा सेक्टर-85 की टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए वाहन चोरी के आरोपी
फरीदाबाद में सार्वजनिक स्थानों पर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाएं हाल के महीनों में चिंता का विषय बनी हुई हैं। खासकर बाजारों, मॉल और व्यावसायिक परिसरों के आसपास वाहन तोड़कर की जाने वाली चोरी से नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। इसी कड़ी में फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर-85 ने एक अहम सफलता हासिल करते हुए गाड़ी का शीशा तोड़कर लैपटॉप चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीयूष नामक व्यक्ति, जो सेक्टर-82 स्थित पुरी प्रणायाम क्षेत्र का निवासी है, ने थाना बी.पी.टी.पी. में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने अपनी कार को वर्ल्ड स्ट्रीट, सेक्टर-81, फरीदाबाद के पास पार्क किया था। कुछ समय बाद लौटने पर देखा गया कि गाड़ी का शीशा टूटा हुआ है और अंदर रखा लैपटॉप गायब है। यह स्थान व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र होने के बावजूद चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
अपराध शाखा सेक्टर-85 की जांच और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अपराध शाखा सेक्टर-85 को सौंपी गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दीपक और रोहित नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपी कौन हैं
गिरफ्तार आरोपियों में दीपक, जो मूल रूप से राजा की मंडी, सेक्टर-11, आगरा (उत्तर प्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में सूरदास कॉलोनी, फरीदाबाद में रह रहा था, शामिल है। दूसरा आरोपी रोहित भूपानी, फरीदाबाद का निवासी है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों मिलकर सार्वजनिक स्थानों पर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते थे, जहां निगरानी अपेक्षाकृत कम होती थी।
पूछताछ में हुए अहम खुलासे
पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मिलकर उक्त वारदात को अंजाम दिया। इसके साथ ही फरीदाबाद में गाड़ी तोड़कर चोरी के कुल तीन मामलों का खुलासा हुआ है। यह संकेत मिलता है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे और अलग-अलग इलाकों में मौके की तलाश करते थे।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस रिमांड
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस चोरी से जुड़े अन्य मामलों, चोरी गए सामान की बरामदगी और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि में और भी खुलासे होने की संभावना है।
शहर में वाहन सुरक्षा पर उठते सवाल
यह घटना एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में वाहन सुरक्षा की स्थिति पर ध्यान खींचती है। वर्ल्ड स्ट्रीट जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में हुई चोरी यह दर्शाती है कि चोर भीड़-भाड़ वाले स्थानों को भी सुरक्षित नहीं मानते। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन मालिकों को कीमती सामान गाड़ी में छोड़ने से बचना चाहिए और पार्किंग स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
पुलिस की अपील और आगे की रणनीति
फरीदाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर गाड़ी पार्क करते समय सावधानी रखें, कीमती सामान साथ लेकर जाएं और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराध शाखा द्वारा लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।