पलवल में समाधान शिविर और सीएम विंडो शिकायतों की विभागवार समीक्षा बैठक
पलवल जिले में आमजन की शिकायतों के समयबद्ध समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर, सीएम विंडो और जनसंवाद पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निपटारा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें और कार्रवाई की अद्यतन रिपोर्ट संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें।
पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंतोष प्रशासन का लक्ष्य
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतों का निपटारा करना नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंतोष को सुदृढ़ करना है। इसके लिए विभागीय स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। जिन विभागों में शिकायतें लंबित हैं, वे आवश्यक कार्रवाई कर शून्य लंबित स्थिति तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित करें।
विभागवार समीक्षा बैठक में दिए स्पष्ट निर्देश
शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित बैठक में उपायुक्त ने समाधान प्रकोष्ठ और जनसंवाद से जुड़ी शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समय-सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सभी विभागाध्यक्षों को प्रतिदिन पोर्टल की समीक्षा करने और निर्धारित समय पर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
ऑनलाइन शिकायतों के लिए दैनिक मॉनिटरिंग अनिवार्य
उपायुक्त ने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल पर आने वाली शिकायतें सीधे नागरिकों के विश्वास से जुड़ी होती हैं। इसलिए इनका समाधान प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए। किसी भी नागरिक की शिकायत को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं है। विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय से काम करें और जहां शिकायत एक से अधिक विभागों से संबंधित हो, वहां संयुक्त कार्रवाई कर समाधान प्रस्तुत करें।
राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक से जुड़े उपायुक्त
बैठक से पूर्व उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ चंडीगढ़ में आयुक्त एवं सचिव, वित्त विभाग हरियाणा सीजी रजनी कांथन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय समाधान प्रकोष्ठ समीक्षा बैठक से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने उच्चाधिकारियों के निर्देशों को सुना और जिले में उनकी प्रभावी पालना का आश्वासन दिया। इस दौरान पलवल जिले से जुड़ी प्रमुख शिकायतों पर भी चर्चा हुई।
वृद्धावस्था पेंशन से जुड़ी शिकायतों का मुद्दा उठा
उपायुक्त ने राज्य स्तरीय बैठक में पलवल जिले के नागरिकों द्वारा वृद्धावस्था पेंशन कटने से संबंधित शिकायतों की जानकारी आयुक्त एवं सचिव को दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस विषय पर तथ्यात्मक जांच कर पात्र लाभार्थियों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रि-ओपन शिकायतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
उपायुक्त डा. वशिष्ठ ने निर्देश दिए कि समाधान शिविर से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करते समय एटीआर अपलोड करने से पहले सभी तथ्यों की समुचित जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों का समाधान होने के बाद पुनः रि-ओपन होना प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाता है, इसलिए ऐसी शिकायतों पर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि कोई मामला लंबे समय से लंबित है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
आपसी तालमेल से हो बहु-विभागीय मामलों का समाधान
उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों का संबंध एक से अधिक विभागों से हो, उनमें संबंधित विभागों को सूचित कर आपसी तालमेल से समाधान सुनिश्चित किया जाए। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि नागरिकों को भी एकीकृत और स्पष्ट समाधान मिलेगा।
अधिकारियों को लंबित मामलों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जिन विभागों में पुरानी शिकायतें अधिक हैं, वे उनका त्वरित निस्तारण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। समाधान शिविर की मॉनिटरिंग राज्य स्तर पर भी होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में एसडीएम पलवल ज्योति, एसडीएम हथीन अप्रतिम सिंह, सीटीएम प्रीति रावत, डीएमसी मनीषा शर्मा, डीएसपी मनोज वर्मा, डीएसपी अनिल कुमार, सचिव आरटीए जितेंद्र कुमार, डीआरओ बलराज सिंह दांगी, डीडीपीओ उपमा अरोड़ा, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी संदीप कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।