अपराध शाखा की टीम ने अलग-अलग मामलों में 711 ग्राम गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अलग-अलग मामलों में 711 ग्राम गांजा बरामद, NDPS एक्ट में केस दर्ज
फरीदाबाद में अवैध नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। पुलिस उपायुक्त अपराध मुकेश कुमार के मार्गदर्शन में अपराध शाखाओं द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन कार्रवाइयों के दौरान कुल 711 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जो अवैध रूप से बेचने के लिए रखा गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। शहर और ग्रामीण इलाकों में लगातार गश्त, गुप्त सूचनाओं पर कार्रवाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखकर ऐसे तस्करों को पकड़ने का अभियान तेज किया गया है।
अपराध शाखा सेंट्रल की कार्रवाई
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, अपराध शाखा सेंट्रल की टीम ने 30 जनवरी को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गांव समयपुर फरीदाबाद से आरोपी अमन खान (20) को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 300 ग्राम गांजा बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी यह नशा स्थानीय स्तर पर बेचने की फिराक में था।
पुलिस ने मौके पर ही आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और संबंधित थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी को गांजा कहां से सप्लाई किया गया और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है।
अपराध शाखा ऊंचा गांव की टीम ने भी दबोचा आरोपी
इसी दिन अपराध शाखा ऊंचा गांव की टीम ने भी एक अलग मामले में कार्रवाई करते हुए विष्णु कॉलोनी, फरीदाबाद निवासी राजकुमार (42) को गिरफ्तार किया। आरोपी को सेक्टर-8 क्षेत्र से पकड़ा गया, जहां से उसके पास से 411 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से नशे के कारोबार में संलिप्त हो सकता है। उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और पुख्ता सूचना मिलने के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया। आरोपी के खिलाफ भी संबंधित थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
NDPS एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई
दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। यह कानून नशा तस्करी और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने के लिए बेहद सख्त प्रावधानों के लिए जाना जाता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि सप्लाई चेन को तोड़ना प्राथमिक उद्देश्य है। इसलिए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गांजा कहां से लाया गया और किन लोगों तक इसकी आपूर्ति की जानी थी।
फरीदाबाद में नशे के खिलाफ चल रहा विशेष अभियान
फरीदाबाद पुलिस पिछले कुछ समय से नशा मुक्त समाज की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। स्कूलों, कॉलेजों और रिहायशी इलाकों में जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ अपराध शाखाओं को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे नशा तस्करों पर कड़ी नजर रखें।
पुलिस उपायुक्त अपराध मुकेश कुमार ने पहले भी स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे आरोपी छोटा विक्रेता हो या बड़ा सप्लायर, सभी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं पर नशे का बढ़ता खतरा
फरीदाबाद जैसे औद्योगिक और तेजी से बढ़ते शहर में नशे का फैलाव एक गंभीर सामाजिक चिंता बनता जा रहा है। खासकर युवा वर्ग इसका सबसे बड़ा शिकार बन रहा है। पुलिस का मानना है कि छोटे स्तर पर गांजा बेचने वाले तस्कर युवाओं को निशाना बनाते हैं और धीरे-धीरे उन्हें नशे की लत में धकेल देते हैं।
इसी वजह से पुलिस केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि समाज के हर वर्ग को इस लड़ाई में शामिल करने पर जोर दे रही है। नागरिकों से अपील की जा रही है कि यदि कहीं भी नशे की बिक्री या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।