क्राइम ब्रांच AVTS-1 की टीम ने ईको गाड़ी चोरी मामले का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
क्राइम ब्रांच AVTS-1 की कार्रवाई, चोरी की गाड़ी कबाड़ी को बेची गई
फरीदाबाद में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में क्राइम ब्रांच AVTS-1 की टीम ने ईको गाड़ी चोरी के एक मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल चोरी की घटना का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि वाहन चोरी के पीछे काम कर रहे नेटवर्क की कार्यप्रणाली भी सामने आई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय (33) निवासी जटान खानपुर, उत्तर प्रदेश, मंगल सिंह (53) निवासी दिल्ली और सरपू (48) निवासी गांव कोट, जिला पलवल के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस चोरी को अंजाम दिया था।
शिकायत से शुरू हुई जांच
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब जीवन नगर पार्ट-1, गौछी निवासी एक व्यक्ति ने थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह रोज की तरह अपनी ईको गाड़ी तहसील कंपाउंड के बाहर सड़क किनारे खड़ी कर काम पर गया था। लंच के समय जब वह वापस लौटा, तो उसकी गाड़ी मौके से गायब थी।
शिकायत मिलते ही थाना सेंट्रल में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच क्राइम ब्रांच AVTS-1 को सौंपी गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
नशे की लत बनी चोरी की वजह
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी संजय और मंगल सिंह नशे के आदी हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत के चलते दोनों ने 28 नवंबर 2025 को सेक्टर-12 क्षेत्र से ईको गाड़ी चोरी की थी। चोरी के बाद दोनों आरोपियों ने गाड़ी को बेचने की योजना बनाई, ताकि जल्दी नकद पैसा मिल सके।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी छोटे-मोटे अपराधों में संलिप्त रहे हैं और आसान तरीके से पैसे कमाने के लिए चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देते थे।
कबाड़ी को बेची गई चोरी की गाड़ी
चोरी के बाद आरोपी संजय और मंगल सिंह ने ईको गाड़ी को सरपू नामक कबाड़ी को 20,000 रुपये में बेच दिया। सरपू निवासी गांव कोट, जिला पलवल बताया गया है, जो कबाड़ का काम करता है। पुलिस के अनुसार, कबाड़ी ने यह जानते हुए भी गाड़ी खरीदी कि इसके कागजात पूरे नहीं हैं।
क्राइम ब्रांच AVTS-1 की टीम ने जब इस कड़ी को जोड़ा, तो सरपू को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने संजय और मंगल सिंह से चोरी की गाड़ी के बदले मिले 20,000 रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
कानूनी कार्रवाई और अदालत में पेशी
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश पर संजय और मंगल सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि आरोपी सरपू को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान सरपू से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि उसने पहले भी कितनी चोरी की गाड़ियां खरीदी हैं और उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग हैं।
वाहन चोरी पर पुलिस की सख्ती
फरीदाबाद पुलिस द्वारा वाहन चोरी के मामलों में सख्त रुख अपनाया जा रहा है। क्राइम ब्रांच की विशेष टीमें सक्रिय रूप से ऐसे मामलों की जांच कर रही हैं, जिनमें चोरी के वाहनों को कबाड़ियों या दूसरे जिलों में बेच दिया जाता है।
पुलिस का मानना है कि जब तक चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह के अपराध पूरी तरह से नहीं रुक सकते। इसी कारण कबाड़ियों और संदिग्ध वाहन खरीदारों पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।