अपराध शाखा सेक्टर-65 द्वारा कंपनी चोरी मामले में आरोपी की गिरफ्तारी
औद्योगिक क्षेत्र में चोरी की बढ़ती घटनाओं पर पुलिस की सख्ती
फरीदाबाद में औद्योगिक इकाइयों के भीतर होने वाली चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। अपराध शाखा सेक्टर-65 की टीम ने एक निजी कंपनी से चांदी की रिंग चोरी करने के मामले में उसी कंपनी में कार्यरत कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। यह मामला न केवल औद्योगिक सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि कंपनियों में आंतरिक निगरानी व्यवस्था की जरूरत को भी उजागर करता है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामू सक्सेना के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला है और वर्तमान में फरीदाबाद की बसेलवा कॉलोनी में रह रहा था। आरोपी एक औद्योगिक इकाई में ऑपरेटर के तौर पर कार्यरत था और इसी पद का दुरुपयोग कर उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
कैसे सामने आया चोरी का मामला
पुलिस के अनुसार, सैनिक कॉलोनी निवासी शमशेर सिंह, जो एक औद्योगिक कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, ने थाना सदर बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कंपनी में पाइप असेम्बलिंग और इंडक्शन ब्रेजिंग का कार्य होता है, जिसमें नियमित रूप से चांदी की रिंग का उपयोग किया जाता है।
कुछ समय से यह देखा जा रहा था कि प्रोडक्शन लाइन में इस्तेमाल होने वाली चांदी की रिंग का स्टॉक लगातार कम हो रहा है। प्रारंभिक स्तर पर इसे तकनीकी या लेखा संबंधी त्रुटि मानकर नजरअंदाज किया गया, लेकिन जब नुकसान बढ़ने लगा तो कंपनी प्रबंधन को चोरी की आशंका हुई। इसके बाद पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी
शिकायत के आधार पर थाना सदर बल्लभगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच अपराध शाखा सेक्टर-65 को सौंपी गई। पुलिस टीम ने कंपनी के कर्मचारियों की ड्यूटी, प्रोडक्शन रिकॉर्ड और आंतरिक गतिविधियों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस का शक असेम्बलिंग डिपार्टमेंट में कार्यरत रामू सक्सेना पर गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे रोजाना असेम्बलिंग कार्य के लिए चांदी की रिंग दी जाती थी और वह इसी दौरान कुछ रिंग छिपाकर बाहर ले जाता था। आरोपी ने करीब 400 ग्राम वजन की चांदी की रिंग चोरी करने की बात कबूल की है।
आरोपी का तरीका और मकसद
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने लंबे समय तक इस चोरी को छोटे-छोटे हिस्सों में अंजाम दिया ताकि किसी को तुरंत शक न हो। रोजाना एक-दो रिंग चोरी कर वह उन्हें बाहर बेचने की फिराक में था। यह तरीका औद्योगिक चोरी में अक्सर देखा जाता है, जहां कर्मचारी लंबे समय तक अंदरूनी पहुंच का फायदा उठाकर नुकसान पहुंचाते हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी से यह भी पूछताछ की जा रही है कि चोरी की गई चांदी को उसने कहां और किसे बेचा। इस पहलू की जांच के लिए आरोपी को माननीय अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठते सवाल
यह मामला फरीदाबाद जैसे बड़े औद्योगिक शहर में कंपनियों की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बाहरी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नियमित निगरानी जरूरी है।
औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चे माल और कीमती धातुओं का इस्तेमाल आम बात है। ऐसे में यदि स्टॉक की नियमित जांच, सीसीटीवी निगरानी और जवाबदेही तय न हो, तो चोरी की घटनाएं लंबे समय तक पकड़ में नहीं आतीं।
पुलिस का संदेश और आगे की कार्रवाई
फरीदाबाद पुलिस ने इस गिरफ्तारी के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि चोरी चाहे बाहरी हो या आंतरिक, किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पहले भी किसी अन्य चोरी या अपराध में शामिल रहा है या नहीं।