हरियाणा कैबिनेट की मंजूरी के बाद पलवल में विकास परियोजना को मिली गति
पलवल शहर के शहरी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए हरियाणा कैबिनेट ने नगर परिषद पलवल के लिए पार्किंग स्थल और ऑफिसर-कम-कमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु भूमि ट्रांसफर के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली, जिससे पलवल के लंबे समय से लंबित बुनियादी मुद्दों के समाधान का रास्ता साफ हो गया है।
वर्षों पुरानी मांग को मिली स्वीकृति
पलवल शहर में बढ़ते वाहनों और सीमित पार्किंग व्यवस्था के कारण बाजारों और मुख्य सड़कों पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। नगर परिषद के पास भी लंबे समय से एक समर्पित और आधुनिक प्रशासनिक परिसर का अभाव रहा है। इन्हीं जरूरतों को देखते हुए नगर परिषद पलवल ने वर्ष 2018 में भूमि ट्रांसफर का प्रस्ताव पारित किया था, जो अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद वास्तविक रूप ले सकेगा।
मंत्री गौरव गौतम की भूमिका अहम
इस निर्णय के पीछे खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के निरंतर प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने पलवल की समस्याओं को न केवल सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया, बल्कि व्यावहारिक समाधान के लिए लगातार पैरवी भी की। मंत्री गौरव गौतम का कहना है कि पलवल के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और यह परियोजना उसी दिशा में एक ठोस कदम है।
जमीन ट्रांसफर और परियोजना का आर्थिक पहलू
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, प्रांतीय सरकार की भूमि को नगर परिषद पलवल को वर्ष 2024–25 के कलेक्टर रेट पर ट्रांसफर किया जाएगा। वर्तमान में यह दर 11,550 रुपये प्रति वर्ग गज निर्धारित की गई है। एसडीएम आवास के समीप स्थित लगभग 9,944 वर्ग गज भूमि की कुल कीमत नीति के तहत करीब 11.48 करोड़ रुपये आंकी गई है। भूमि ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर परिषद इस स्थान पर आधुनिक पार्किंग सुविधा और ऑफिसर-कम-कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराएगी।
शहरी सुविधाओं में होगा सुधार
प्रस्तावित पार्किंग स्थल से शहर के व्यस्त इलाकों में वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या में कमी आएगी। इससे यातायात सुचारु होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी राहत मिलेगी। वहीं ऑफिसर-कम-कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनने से नगर परिषद के कार्य एक ही परिसर से संचालित हो सकेंगे, जिससे नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता और गति में सुधार होने की उम्मीद है।
प्रशासनिक पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा
एक समर्पित प्रशासनिक परिसर से न केवल कार्यालयीन कामकाज में सुविधा होगी, बल्कि आम नागरिकों को भी विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और शिकायत निवारण जैसी प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी बन सकेंगी।