फोन छीनकर खाते से रुपये निकालने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
फरीदाबाद में बढ़ती स्नैचिंग और डिजिटल ठगी की घटनाओं के बीच पुलिस को एक अहम सफलता मिली है। अपराध शाखा ऊंचा गांव की टीम ने मोबाइल फोन छीनकर बैंक खाते से UPI के माध्यम से 91 हजार रुपये निकालने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शहर में सक्रिय ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश मानी जा रही है, जो लूट और साइबर ठगी को मिलाकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन आज केवल संपर्क का साधन नहीं बल्कि बैंकिंग और डिजिटल भुगतान से जुड़ा अहम उपकरण बन चुका है। इसी का फायदा उठाकर अपराधी पहले फोन छीनते हैं और फिर उसमें मौजूद ऐप्स के जरिए पीड़ित के खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
शिकायत से खुला पूरा मामला
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि रमेश भगत, निवासी भारत कॉलोनी, फरीदाबाद ने पुलिस चौकी सेक्टर-11 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार 3 अगस्त 2025 को वह सेक्टर-20बी स्थित खाटू श्याम मंदिर के पास मौजूद था। उसी दौरान एक युवक अचानक उसके हाथ से मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गया।
पीड़ित ने पहले मोबाइल गुम होने की आशंका जताई, लेकिन अगले ही दिन 4 अगस्त को उसके बैंक खाते से UPI के माध्यम से 91,000 रुपये निकलने का मैसेज आया। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि उसका मोबाइल स्नैचिंग की वारदात में छीना गया था और उसी का इस्तेमाल कर उसके खाते से रकम निकाली गई है।
थाना सेक्टर-8 में मामला दर्ज
शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-8 में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अपराध शाखा ऊंचा गांव को सौंपी गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिनकी पहचान नीरज उर्फ नीटू निवासी गांव बादशाहपुर, फरीदाबाद और सूरज उर्फ काला निवासी गांव चुन्दिका, जिला नूंह, हाल निवासी बादशाहपुर के रूप में हुई।
पूछताछ में सामने आई पूरी साजिश
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने वारदात को स्वीकार करते हुए बताया कि सूरज ने मंदिर के पास से शिकायतकर्ता का मोबाइल छीना था। इसके बाद वह कुछ दूरी पर खड़े अपने साथी नीरज के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर फरार हो गया।
आरोपियों ने आगे बताया कि उन्होंने एक अन्य साथी के साथ मिलकर छीने गए मोबाइल फोन के जरिए UPI का उपयोग किया और पीड़ित के बैंक खाते से 91,000 रुपये की राशि निकाल ली। पुलिस का मानना है कि आरोपी पहले से ही डिजिटल लेन-देन की जानकारी रखते थे और इसी वजह से उन्होंने मोबाइल फोन को निशाना बनाया।
मोटरसाइकिल बरामद, पुलिस रिमांड पर आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से आगामी पूछताछ और अन्य संभावित मामलों का पता लगाने के लिए उन्हें छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आरोपियों ने इससे पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं और उनका नेटवर्क कितना बड़ा है।
स्नैचिंग और डिजिटल ठगी का बढ़ता खतरा
फरीदाबाद समेत अन्य शहरी इलाकों में स्नैचिंग की घटनाएं अब केवल फोन छीनने तक सीमित नहीं रह गई हैं। मोबाइल में मौजूद बैंकिंग ऐप्स, UPI और ओटीपी की वजह से अपराधी कुछ ही मिनटों में खातों को खाली कर रहे हैं।
पुलिस विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों की थोड़ी सी लापरवाही अपराधियों के लिए बड़ा मौका बन जाती है। फोन लॉक न होना, ऐप्स में अतिरिक्त सुरक्षा का अभाव और तुरंत बैंक को सूचना न देना नुकसान को और बढ़ा देता है।
पुलिस की अपील और सतर्कता जरूरी
फरीदाबाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल स्नैचिंग की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन और बैंक को सूचना दें। साथ ही UPI और बैंकिंग ऐप्स में मजबूत पासवर्ड, बायोमेट्रिक लॉक और रिमोट फोन लॉक जैसी सुविधाओं का उपयोग करें।
पुलिस का कहना है कि सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से इस तरह की ठगी को काफी हद तक रोका जा सकता है।