फरीदाबाद में केंद्रीय बजट को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता
फरीदाबाद में केंद्रीय बजट पर विस्तृत संवाद
केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं फरीदाबाद विधायक विपुल गोयल ने सेक्टर-16 स्थित सागर सिनेमा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की आर्थिक सोच और प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल भाषणों और घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस सुधारों और ज़मीन पर दिखने वाले परिणामों पर आधारित है। इसी वजह से इसे ‘Reforms over Rhetoric’ का सशक्त उदाहरण कहा जा सकता है।
नीतियों का असर आम नागरिक तक पहुंचे, यही लक्ष्य
विपुल गोयल ने कहा कि सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि जब तक किसी नीति का प्रभाव आम नागरिक के जीवन में महसूस न हो, तब तक सुधार अधूरे रहते हैं। केंद्रीय बजट 2026-27 इसी सोच के साथ तैयार किया गया है, जिसमें तेज़ आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक समावेशन और वित्तीय अनुशासन का संतुलन दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत को दीर्घकालिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप प्रस्तुत करता है।
वित्तीय अनुशासन और पूंजीगत व्यय का संतुलन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 में फिस्कल डेफिसिट को सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 4.3 से 4.4 प्रतिशत के दायरे में रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह जिम्मेदार आर्थिक प्रबंधन का संकेत है। वहीं ₹12.2 लाख करोड़ के सार्वजनिक पूंजीगत व्यय से यह स्पष्ट होता है कि सरकार भविष्य के लिए मजबूत बुनियाद तैयार कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और कनेक्टिविटी पर किया गया यह निवेश आने वाले वर्षों में विकास को नई गति देगा।
भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग पावर बनाने की तैयारी
विपुल गोयल ने कहा कि यह बजट भारत को केवल उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाता है। बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल, रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल जैसे क्षेत्रों में निवेश से रणनीतिक आत्मनिर्भरता मजबूत होगी। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और देश में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
छोटे और मध्यम उद्योगों को नई ताकत
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए यह बजट केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सिस्टम सुधार का माध्यम है। SME Growth Fund और अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों से छोटे कारोबारियों को विस्तार का अवसर मिलेगा। साथ ही अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाकर छोटे शहरों और कस्बों में व्यापार करना आसान होगा, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक असमानता कम होगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर: विकास की रीढ़
मंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, नए नेशनल वाटरवेज़, कोस्टल कार्गो प्रमोशन और इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी जैसे प्रावधान लॉजिस्टिक्स लागत घटाने में सहायक होंगे। इससे निजी निवेश सुरक्षित होगा और बड़े प्रोजेक्ट्स तेजी से ज़मीन पर उतर सकेंगे। इसका सीधा लाभ रोजगार सृजन और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा।
शहरी विकास और कनेक्टिविटी पर फोकस
शहरी विकास के संदर्भ में विपुल गोयल ने कहा कि अब शहर केवल रहने की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि आर्थिक विकास के केंद्र बनेंगे। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से व्यापार, पर्यटन और सेवा क्षेत्र को नई गति मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा और शहरी-ग्रामीण अंतर कम होगा।
शिक्षा, कौशल और रोजगार का तालमेल
उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की स्पष्ट सोच दिखाई देती है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्री धारक बनाना नहीं, बल्कि उन्हें कुशल पेशेवर और उद्यमी बनाना है। कौशल विकास से जुड़ी योजनाएं युवाओं को बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करेंगी।
कृषि और ग्रामीण भारत को मजबूती
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि बजट में AI आधारित कृषि सलाह, जल संसाधन विकास, पशुपालन, डेयरी और बाजार से सीधा जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। यह ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन
विपुल गोयल ने कहा कि महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों, SHE-Marts और उद्यमिता आधारित योजनाएं उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगी। महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक निर्णय लेने वाली शक्ति बनेंगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, आपातकालीन सेवाओं और ट्रॉमा केयर के विस्तार से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर निर्णायक कदम
डिजिटल अर्थव्यवस्था, आईटी सेवाओं और डेटा सेंटर से जुड़े प्रावधानों पर उन्होंने कहा कि यह बजट भारत को वैश्विक डिजिटल हब बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। इससे तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप और डिजिटल सेवाओं में नए अवसर पैदा होंगे।
हरियाणा और फरीदाबाद को क्या लाभ
हरियाणा के संदर्भ में विपुल गोयल ने कहा कि यह बजट राज्य के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक और हिसार जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को नए निवेश का लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से NCR से जुड़ाव मजबूत होगा, जिससे उद्योग, रियल एस्टेट और सेवा क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी।