अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फरीदाबाद पुलिस
फरीदाबाद में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस लगातार सघन अभियान चला रही है। इसी कड़ी में फरीदाबाद पुलिस की विभिन्न क्राइम ब्रांच टीमों ने अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी के कब्जे से चार देसी कट्टे बरामद किए गए हैं, जो अपराध की आशंका को देखते हुए गंभीर मामला माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई जिले में बढ़ रही अवैध हथियारों की आवाजाही पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस का मानना है कि अवैध हथियार अक्सर गंभीर अपराधों का कारण बनते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई योजनाबद्ध कार्रवाई
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि 04 फरवरी को क्राइम ब्रांच भूपानी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान संजय कॉलोनी निवासी मुकेश को प्रतापगढ़ नहर के पास से एक देसी कट्टे सहित गिरफ्तार किया गया। वहीं, उसी क्षेत्र से संबंधित एक अन्य आरोपी बलबीर, निवासी संजय कॉलोनी, को सेक्टर-22 मछली मार्केट के पास से देसी कट्टे सहित दबोचा गया।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई थीं और पूछताछ में उनके पास हथियार रखने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं पाई गई।
अन्य क्राइम ब्रांच टीमों की भी अहम भूमिका
इसी दिन क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 की टीम ने भी गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसी नगर, फरीदाबाद निवासी पंकज कुमार को बल्लभगढ़ बस स्टैंड के पास से एक देसी कट्टा सहित गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान पर हथियार के साथ मौजूद होना आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता था।
इसके अलावा क्राइम ब्रांच एनआईटी की टीम ने अजय नामक आरोपी को सेक्टर-48, हनुमान मंदिर रोड से गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से गांव रायपुर, जिला गुरुग्राम का निवासी है और वर्तमान में सोहना क्षेत्र की जखोपुर कॉलोनी में रह रहा था। उसके कब्जे से भी एक देसी कट्टा बरामद किया गया।
शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि किसी भी आरोपी के पास हथियार रखने का वैध दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने हथियार कहां से प्राप्त किए और उनका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था।
अवैध हथियार और अपराध का गहरा संबंध
विशेषज्ञों के अनुसार अवैध हथियार अक्सर संगठित अपराध, आपसी रंजिश, लूटपाट और अन्य हिंसक घटनाओं का कारण बनते हैं। फरीदाबाद जैसे औद्योगिक और शहरी जिले में यदि ऐसे हथियार खुलेआम घूमते रहें, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
इसी कारण पुलिस विभाग ने अवैध हथियारों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। पुलिस का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना भी है, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों की संभावना को कम किया जा सके।
आमजन से पुलिस की अपील
फरीदाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी क्षेत्र में अवैध हथियार रखने या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। आमजन का सहयोग पुलिस के लिए सबसे बड़ी ताकत है।