डबुआ कॉलोनी में मारपीट मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करती पुलिस
फरीदाबाद पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में थाना डबुआ पुलिस टीम ने लड़ाई-झगड़े के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला डबुआ कॉलोनी क्षेत्र में लेन-देन से जुड़े विवाद के दौरान नुकूली वस्तु से हमला कर एक व्यक्ति को घायल करने से संबंधित है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसी घटनाएं समाज में भय का वातावरण पैदा करती हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा पर सीधा असर डालती हैं। इसलिए मारपीट, झगड़े और हथियारों के प्रयोग से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पीड़ित नंद किशोर, निवासी डबुआ कॉलोनी, ने थाना डबुआ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, केशव नामक युवक पर उसके 500 रुपये उधार थे। केशव के कहने पर यह राशि सुमित को दे दी गई थी। बाद में जब पैसे को लेकर बातचीत हुई, तो विवाद बढ़ गया।
दिनांक 18 जनवरी को नंद किशोर जब केशव की दुकान के पास खड़ा था, तभी केशव और सुमित वहां पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने पहले गाली-गलौच की और फिर मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान सुमित ने एक नुकूली वस्तु से नंद किशोर पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया।
घटना के बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और मामले की सूचना पुलिस को दी गई। शिकायत के आधार पर थाना डबुआ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना डबुआ की टीम ने तुरंत जांच शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और घटनास्थल के साक्ष्य जुटाए गए। जांच के दौरान यह सामने आया कि दोनों आरोपी आपस में भाई हैं और लंबे समय से शिकायतकर्ता के साथ लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था।
पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों सुमित और केशव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि आपसी कहासुनी के बाद गुस्से में आकर उन्होंने यह हमला किया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
डबुआ क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर फोकस
डबुआ कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में हाल के वर्षों में छोटे-मोटे झगड़ों और लेन-देन से जुड़े विवादों की शिकायतें सामने आती रही हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई न होने पर विवाद गंभीर रूप ले सकते हैं।
इसीलिए फरीदाबाद पुलिस द्वारा बीट सिस्टम, गश्त और स्थानीय खुफिया नेटवर्क को मजबूत किया गया है। थाना स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आपसी विवादों को प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझाने का प्रयास करें और अपराध की स्थिति में तुरंत सख्त कार्रवाई करें।
मारपीट के मामलों में कानून क्या कहता है
भारतीय दंड संहिता के तहत मारपीट और हथियार से चोट पहुंचाने के मामलों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। नुकूली या धारदार वस्तु से हमला करने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि समाज में शांति बनाए रखना और लोगों को कानून हाथ में लेने से रोकना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों को भी चाहिए कि वे आपसी विवादों को बातचीत और कानूनी तरीकों से सुलझाएं।
आम लोगों के लिए पुलिस की अपील
फरीदाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लेन-देन या व्यक्तिगत विवाद में हिंसा का सहारा न लें। यदि किसी प्रकार की समस्या हो तो स्थानीय पुलिस थाने या प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें।
पुलिस का यह भी कहना है कि झगड़े के मामलों में हथियारों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।