राई रेस्ट हाउस में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारी।
सोनीपत में आगामी शहरी स्थानीय निकाय आम चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग ने जमीनी स्तर पर तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आयोग के आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने राई रेस्ट हाउस में जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य शहरी स्थानीय निकाय चुनाव तैयारियों की प्रगति का आकलन करना और यह सुनिश्चित करना रहा कि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता तभी मजबूत होगी, जब अधिकतम मतदाता निर्भीक होकर मतदान में भाग लेंगे।
शहरी स्थानीय निकाय चुनाव तैयारियों पर आयोग का फोकस
राज्य निर्वाचन आयोग आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरी स्थानीय निकाय चुनाव तैयारियां केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि हर स्तर पर योजनाबद्ध और समन्वित प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता, मतदान केंद्रों की व्यवस्थाएं और सुरक्षा इंतजाम चुनाव की गुणवत्ता तय करते हैं।
आयुक्त ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटना नहीं चाहिए और अपात्र नामों को समय रहते हटाया जाए। इसके साथ ही मतदाता पर्चियों को निर्धारित समय सीमा में घर-घर पहुंचाने के निर्देश दिए गए, ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की असुविधा न हो।
युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने की रणनीति
बैठक में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव तैयारियों के तहत युवा मतदाताओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले युवाओं को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नए मतदाताओं को केवल पंजीकरण तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें यह भी समझाया जाए कि शहरी निकाय चुनाव उनके दैनिक जीवन से सीधे जुड़े होते हैं। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के फैसले नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता, सड़क, जलापूर्ति और स्थानीय विकास को प्रभावित करते हैं।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए विभागीय समन्वय
शहरी स्थानीय निकाय चुनाव तैयारियों में मतदान प्रतिशत बढ़ाना एक प्रमुख लक्ष्य माना जा रहा है। आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल निर्वाचन विभाग ही नहीं, बल्कि शिक्षा, नगर निकाय, सूचना एवं जनसंपर्क जैसे विभागों को भी जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
जमीनी स्तर पर प्रभावी प्रचार, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम और स्थानीय स्तर पर संवाद स्थापित करने से ही मतदान प्रतिशत में वास्तविक वृद्धि संभव है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
अनुभवी अधिकारियों की तैनाती और पारदर्शिता पर जोर
बैठक के दौरान आयुक्त ने यह निर्देश भी दिए कि चुनाव संबंधी कार्यों में अनुभवी और दक्ष अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। शहरी स्थानीय निकाय चुनाव तैयारियों के दौरान प्रशिक्षण, मतदान दलों का गठन, ईवीएम प्रबंधन और मतगणना जैसे संवेदनशील कार्यों में विशेष सावधानी बरती जाए।
उन्होंने दोहराया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार की शिकायत या शंका का समय रहते समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
अधिकारियों से फीडबैक और जमीनी चुनौतियों पर चर्चा
समीक्षा बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों से शहरी स्थानीय निकाय चुनाव तैयारियों को लेकर फीडबैक भी लिया। इस दौरान अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं, संसाधनों की उपलब्धता और प्रशासनिक चुनौतियों से अवगत कराया।
आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि सभी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान समय रहते किया जाएगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव लोकतंत्र की नींव होते हैं और इसमें हर अधिकारी की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है।
बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन, जिला राजस्व अधिकारी सुशील शर्मा, डीडीपीओ मनीष मलिक, जीएम संजय कुमार, डीआईओ विशाल सैनी, डिप्टी नगर आयुक्त हरदीप, तहसीलदार कीर्ति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी को शहरी स्थानीय निकाय चुनाव तैयारियों को समयबद्ध और जिम्मेदारी के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इस खबर का असर क्या होगा?
शहरी स्थानीय निकाय चुनाव तैयारियों को लेकर की गई यह समीक्षा बैठक प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही को मजबूत करेगी। मतदाता सूची की शुद्धता, युवा मतदाताओं की भागीदारी और विभागीय समन्वय से मतदान प्रतिशत बढ़ने की संभावना है। साथ ही पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से जनता का भरोसा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर और मजबूत होगा।