सोनीपत जिले में एसएमडीए द्वारा अवैध कॉलोनियों और निर्माणों पर की गई कार्रवाई।
सोनीपत जिले में सोनीपत में अवैध कॉलोनियों पर एसएमडीए कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में राजस्व भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों और निर्माणों को प्रारंभिक चरण में ही रोकने के उद्देश्य से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) की टीम ने कई स्थानों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की।
प्रशासन का यह कदम शहरी नियोजन, भूमि उपयोग नियमों और आमजन के हितों की रक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण न केवल नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में नागरिकों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी का कारण भी बनते हैं।
अभियान की पृष्ठभूमि और प्रशासनिक निर्देश
जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) नीलम शर्मा ने बताया कि उपायुक्त सुशील सारवान के निर्देशानुसार जिले में अवैध निर्माणों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियंत्रित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का निर्माण बिना अनुमति न हो और अवैध कॉलोनियों को शुरुआती स्तर पर ही ध्वस्त किया जा सके।
सोनीपत में अवैध कॉलोनियों पर एसएमडीए कार्रवाई इसी नीति का हिस्सा है, जिसके तहत प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
किन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई
एसएमडीए की टीम ने खरखौदा, गांव सोहटी और गांव हलालपुर में राजस्व भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माणों को चिह्नित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, ये निर्माण बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के किए जा रहे थे और नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम का उल्लंघन कर रहे थे।
खरखौदा क्षेत्र में अवैध रूप से निर्मित पांच दुकानों और एक रेस्टोरेंट को गिराया गया। यह निर्माण व्यावसायिक गतिविधियों के लिए तैयार किए जा रहे थे, जबकि इनके लिए किसी प्रकार की स्वीकृति नहीं ली गई थी।
गांव सोहटी और हलालपुर में कार्रवाई का विवरण
गांव सोहटी में लगभग 7.5 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर बड़ी कार्रवाई की गई। यहां 10 लेबर क्वार्टर, 25 डीपीसी (डैम्प प्रूफ कोर्स), चार बाउंड्री वॉल, करीब 250 मीटर लंबी टाइल सड़क और लगभग 1.5 एकड़ में बने कच्चे रास्तों को ध्वस्त किया गया।
वहीं गांव हलालपुर में तीन दुकानों और 14 लेबर क्वार्टरों को गिराया गया। प्रशासन का कहना है कि ये सभी निर्माण बिना अनुमति और नियोजन मानकों के विपरीत बनाए जा रहे थे।
अवैध कॉलोनियों से जुड़ा जोखिम
डीटीपी नीलम शर्मा ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कॉलोनियों में सरकार द्वारा सड़क, पानी, सीवरेज और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं।
उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से लोगों की मेहनत की कमाई जोखिम में पड़ सकती है। भविष्य में इन क्षेत्रों में कानूनी कार्रवाई होने पर न केवल निर्माण गिराए जा सकते हैं, बल्कि संपत्ति से जुड़े विवाद भी उत्पन्न हो सकते हैं।
प्लॉट खरीदने से पहले क्या करें
सोनीपत में अवैध कॉलोनियों पर एसएमडीए कार्रवाई के मद्देनजर प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डीटीपी ने कहा कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह नियमानुसार स्वीकृत है या नहीं।
नागरिकों को चाहिए कि वे संबंधित प्राधिकरण से कॉलोनी की वैधता की पुष्टि करें और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद ही निवेश करें। इससे भविष्य में कानूनी और आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है।
नियंत्रित क्षेत्र में निर्माण के नियम
एसएमडीए अधिकारियों ने बताया कि नियंत्रित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले एसएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) से अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति किए गए निर्माण को किसी भी समय नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिराया जा सकता है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।
नागरिकों के लिए जानकारी और संपर्क
प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि अवैध कॉलोनियों, स्वीकृत योजनाओं और निर्माण से संबंधित जानकारी के लिए नागरिक सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इससे लोग सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकेंगे और अवैध गतिविधियों से बच पाएंगे।