उपायुक्त द्वारा निपुण हरियाणा मिशन सोनीपत के अंतर्गत विद्यालय निरीक्षण का दृश्य।
निपुण हरियाणा मिशन सोनीपत के तहत जिला प्रशासन ने प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने की पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में उपायुक्त सुशील सारवान ने गोहाना क्षेत्र के कई सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि सोनीपत को राज्य में शैक्षणिक सुधारों के मामले में अग्रणी बनाया जाए।
निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की बुनियादी दक्षताओं और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता तक को परखा गया। उपायुक्त ने स्वयं भोजन चखकर गुणवत्ता की पुष्टि की और शिक्षकों से शिक्षण पद्धति पर चर्चा की।
निपुण हरियाणा मिशन सोनीपत की प्राथमिकताएं
निपुण हरियाणा मिशन सोनीपत का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा कक्षा 3 तक बुनियादी साक्षरता और गणन क्षमता हासिल कर सके। यह पहल केंद्र सरकार के निपुण भारत मिशन के अनुरूप राज्य स्तर पर लागू की गई थी। अब इसे विस्तारित करते हुए कक्षा 4 और 5 तक भी प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि प्रारंभिक शिक्षा के परिणाम स्थायी रूप से मजबूत हो सकें।
जिला प्रशासन ने मिशन के अंतर्गत ‘प्रोजेक्ट अक्षर’ की शुरुआत की है, जिसका फोकस प्रारंभिक कक्षाओं में पढ़ने, लिखने और गणना की बुनियादी क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। अधिकारियों के अनुसार, नियमित मूल्यांकन और फील्ड विजिट से शिक्षण प्रक्रिया में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
स्कूलों का औचक निरीक्षण और व्यवस्थाओं की समीक्षा
गांव बड़ौता, भैंसवान खुर्द और बड़वासनी के सरकारी विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति, अध्यापन शैली और शिक्षण सामग्री के उपयोग की समीक्षा की गई। विद्यार्थियों से सीधे सवाल पूछकर उनके सीखने के स्तर को समझने का प्रयास किया गया।
जिला स्तर पर 24 अधिकारियों को विशेष पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। इनमें खंड शिक्षा अधिकारी और सीआरसी हेड शामिल हैं। ये अधिकारी निर्धारित मूल्यांकन दिवस पर विद्यालयों का दौरा कर प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
हाल ही में कक्षा 2 और 3 के विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का आकलन करने के लिए दो चरणों में व्यापक अभ्यास आयोजित किया गया। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, सोनीपत ने सीखने के परिणामों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, हालांकि प्रशासन इसे और बेहतर बनाने के लिए सतत प्रयास कर रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं का भी लिया जायजा
विद्यालयों के निरीक्षण के साथ उपायुक्त ने नागरिक अस्पताल गोहाना का भी दौरा किया। यहां मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता और स्टाफ की उपस्थिति की समीक्षा की गई। डॉक्टरों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षणिक अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियों की पहचान करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार की संभावनाओं को मजबूत करना था।
आधारभूत शिक्षा सुधार का व्यापक संदर्भ
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक कक्षाओं में बुनियादी साक्षरता की कमी आगे की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। यदि कक्षा 3 तक बच्चे पढ़ने और गणना करने में सक्षम नहीं होते, तो उच्च कक्षाओं में विषयों की समझ कमजोर रह जाती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए निपुण हरियाणा मिशन सोनीपत जैसे प्रयास महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
राज्य स्तर पर शिक्षा विभाग ने डेटा आधारित मूल्यांकन प्रणाली अपनाई है, जिससे प्रत्येक विद्यालय की प्रगति का विश्लेषण किया जा सके। इससे नीति निर्माण और संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस खबर का असर क्या होगा?
निपुण हरियाणा मिशन सोनीपत के तहत चल रहे औचक निरीक्षण और निगरानी तंत्र से प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की संभावना बढ़ेगी। नियमित मूल्यांकन से शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी और विद्यार्थियों की बुनियादी क्षमताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित रहेगा।
यदि यह मॉडल प्रभावी सिद्ध होता है, तो अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की सक्रिय निगरानी व्यवस्था लागू की जा सकती है। इससे राज्य स्तर पर शिक्षा परिणामों में समग्र सुधार देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
निपुण हरियाणा मिशन सोनीपत केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शिक्षा की बुनियाद को मजबूत करने की दीर्घकालिक रणनीति है। जिला प्रशासन की सक्रियता से संकेत मिलता है कि प्राथमिक स्तर पर सीखने की गुणवत्ता अब शीर्ष प्राथमिकता बन चुकी है। आने वाले महीनों में इसके ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।