सोनीपत में कर हितैषी ऐप को लेकर आयोजित बैठक में अधिकारी और व्यापारी चर्चा करते हुए।
हरियाणा सरकार की कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में कर हितैषी ऐप सोनीपत बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला उप आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों ने व्यापार मंडल प्रतिनिधियों के साथ खुलकर चर्चा की और ऐप के उद्देश्य, उपयोगिता तथा प्रभाव को विस्तार से समझाया।
सोनीपत में आयोजित यह संवाद केवल औपचारिक बैठक नहीं था, बल्कि प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच विश्वास को मजबूत करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर व्यवस्था में पारदर्शिता तभी संभव है जब व्यापारी और आम नागरिक दोनों सक्रिय भागीदारी निभाएं।
कर हितैषी ऐप सोनीपत बैठक में क्या रही मुख्य चर्चा
जिला उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त (बिक्रीकर) अरविंद कुमार ने बैठक में बताया कि यह ऐप जीएसटी प्रणाली में अनियमितताओं पर निगरानी रखने के लिए विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ईमानदार व्यापार को प्रोत्साहन देना और कर चोरी जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कोई भी व्यक्ति बिना अपनी पहचान उजागर किए जीएसटी से संबंधित शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत के साथ फोटो, वीडियो या अन्य दस्तावेज भी अपलोड किए जा सकते हैं, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी और प्रमाण आधारित बन सके।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस आश्वासन का उद्देश्य नागरिकों और व्यापारियों में भरोसा पैदा करना है।
पारदर्शी कर व्यवस्था की दिशा में कदम
जीएसटी लागू होने के बाद कर प्रणाली में तकनीकी बदलाव आए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी बिना बिल बिक्री, फर्जी बिलिंग और बिना पंजीकरण व्यापार जैसी समस्याएं सामने आती रहती हैं। कर हितैषी ऐप को इन चुनौतियों से निपटने के लिए एक डिजिटल समाधान के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की कि वे सभी कर नियमों का पूर्ण पालन करें और अन्य व्यापारियों को भी जागरूक करें। उनका कहना था कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा तभी संभव है जब सभी कारोबारी समान नियमों का पालन करें।
व्यापार मंडल का रुख
जिला व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने इस पहल का समर्थन किया। उनका मानना है कि पारदर्शी कर प्रणाली से उन व्यापारियों को लाभ होगा जो ईमानदारी से कारोबार करते हैं। अनुचित प्रतिस्पर्धा और कर चोरी के कारण बाजार में असंतुलन पैदा होता है, जिससे नियमों का पालन करने वाले कारोबारी प्रभावित होते हैं।
व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे अपने स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक व्यापारियों को ऐप के बारे में जानकारी देंगे। बैठक में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने तकनीकी पहलुओं पर भी चर्चा की।
डिजिटल निगरानी और जवाबदेही
कर प्रशासन में डिजिटल उपकरणों का बढ़ता उपयोग सरकार की व्यापक ई-गवर्नेंस रणनीति का हिस्सा है। कर हितैषी ऐप उसी दिशा में एक प्रयास है, जिससे निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शिकायतों पर समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है, तो इससे कर संग्रह में वृद्धि और कर अनुपालन में सुधार संभव है। साथ ही, यह कदम बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
हालांकि, किसी भी शिकायत आधारित प्रणाली की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसका दुरुपयोग न हो। अधिकारियों ने संकेत दिया कि प्रत्येक शिकायत की तथ्यात्मक जांच की जाएगी और गलत सूचना देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
व्यापारिक माहौल पर संभावित प्रभाव
सोनीपत जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में व्यापारिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में कर प्रणाली की पारदर्शिता निवेश और कारोबारी विश्वास के लिए महत्वपूर्ण कारक बन जाती है।
कर हितैषी ऐप को प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच संवाद का माध्यम भी माना जा रहा है। यदि यह पहल प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो इससे राजस्व संग्रह में सुधार के साथ-साथ कर चोरी की घटनाओं में कमी आ सकती है।
इस खबर का असर क्या होगा?
कर हितैषी ऐप सोनीपत बैठक के बाद जिले में कर नियमों के पालन को लेकर सख्ती और जागरूकता दोनों बढ़ने की संभावना है। ईमानदार व्यापारियों को इससे राहत मिल सकती है, क्योंकि अनुचित प्रतिस्पर्धा पर नियंत्रण होगा। वहीं, कर उल्लंघन करने वालों पर निगरानी बढ़ेगी।
यदि शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण होता है, तो यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। दीर्घकाल में यह पहल पारदर्शी व्यापारिक वातावरण और बेहतर राजस्व प्रबंधन की दिशा में सकारात्मक परिणाम दे सकती है।
निष्कर्ष
कर प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही किसी भी विकसित अर्थव्यवस्था की बुनियाद होती है। सोनीपत में आयोजित कर हितैषी ऐप सोनीपत बैठक ने यह संकेत दिया है कि प्रशासन और व्यापारिक समुदाय मिलकर नियम आधारित कारोबारी संस्कृति को बढ़ावा देना चाहते हैं।