नई दिल्ली, 9 मार्च।
दिल्ली के चर्चित दिल्ली शराब घोटाला मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भाजपा और आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों दल कथित तौर पर “बनावटी राजनीतिक टकराव” दिखाकर शराब नीति मामले में आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
देवेंद्र यादव ने दावा किया कि दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मामले में अभी कानूनी प्रक्रिया जारी है और आरोपियों को पूरी तरह राहत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाती रहेगी।
हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद बढ़ी हलचल
दिल्ली शराब घोटाला मामला उस समय फिर चर्चा में आया जब दिल्ली हाईकोर्ट ने आबकारी नीति से जुड़े आरोपियों को नोटिस जारी किया। यह नोटिस सीबीआई की उस अपील पर दिया गया है जिसमें निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है।रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने 16 मार्च को अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए सभी आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 आरोपियों के नाम जांच में सामने आए थे।
कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने कहा कि अदालत का नोटिस यह संकेत देता है कि मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई है।
कांग्रेस का आरोप: चुनावी राजनीति से जुड़ा मुद्दा
देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा और आम आदमी पार्टी आगामी चुनावी राज्यों को ध्यान में रखते हुए इस मामले को अलग तरीके से पेश करने की कोशिश कर रही हैं।उन्होंने कहा कि गुजरात, गोवा और अन्य राज्यों में चुनावी रणनीति के तहत “नया नैरेटिव” बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कांग्रेस के वोट बैंक को नुकसान पहुंचाया जा सके।
यादव ने यह भी कहा कि अगले साल पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं और कांग्रेस वहां सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील हो गया है।
आबकारी नीति विवाद की पृष्ठभूमि
दिल्ली की नई आबकारी नीति 2021-22 में लागू की गई थी, जिसका उद्देश्य शराब बिक्री व्यवस्था में बदलाव करना था। हालांकि बाद में इस नीति पर अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगे।इन आरोपों के बाद तत्कालीन उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने मामले की जांच के लिए सीबीआई को सिफारिश की थी। जांच शुरू होने के बाद कई राजनीतिक नेताओं और कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई और कुछ आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया।
बाद में दिल्ली सरकार ने विवाद बढ़ने के बाद इस नीति को वापस ले लिया था।
कांग्रेस ने फैसले का किया स्वागत
देवेंद्र यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस पहले से ही इस मामले में पारदर्शिता की मांग करती रही है।उन्होंने कहा कि अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान मामले के तथ्यों और सबूतों की जांच होगी और सच्चाई सामने आएगी। यादव ने यह भी कहा कि अदालत में सीबीआई की अपील पर आगे की सुनवाई से पूरे मामले की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
निष्कर्ष
फिलहाल दिल्ली शराब घोटाला मामला अदालत में विचाराधीन है और इसकी सुनवाई जारी है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाली अदालत की तारीखों में यह साफ हो सकेगा कि मामले की कानूनी दिशा क्या होगी और आरोपियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई संभव है।