सोनीपत में अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन ने जल शक्ति जन भागीदारी अभियान की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए।
Image : DIPRO Sonipat
हरियाणा: के सोनीपत जिले में जल संरक्षण को लेकर प्रशासन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। जल शक्ति जन भागीदारी अभियान सोनीपत के तहत जिला प्रशासन विभिन्न विभागों के साथ मिलकर जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की निगरानी और समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन ने सोमवार को लघु सचिवालय में अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की।
बैठक का उद्देश्य जिले में जल संरक्षण से संबंधित योजनाओं की प्रगति का आकलन करना और यह सुनिश्चित करना था कि अभियान के तहत किए जा रहे कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हों। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि सभी गतिविधियों की जानकारी डिजिटल पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड की जाए।
जल शक्ति जन भागीदारी अभियान सोनीपत की समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन ने विभिन्न विभागों द्वारा चलाए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जमीन पर दिखाई दे।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के तहत किए जा रहे सभी कार्यों का पूरा विवरण जल शक्ति जन भागीदारी (JSJB) पोर्टल पर समय पर अपलोड किया जाए। इससे इन गतिविधियों की निगरानी और मूल्यांकन करना आसान होगा और जिला स्तर पर एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सकेगी।
अधिकारियों को यह भी बताया गया कि पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी के आधार पर ही अभियान की प्रगति का आकलन किया जाता है। इसलिए किसी भी विभाग को इस प्रक्रिया में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
जल संरक्षण क्यों बन गया है अहम मुद्दा
भारत के कई हिस्सों में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है और कई क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में जल संरक्षण को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं।जल शक्ति मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया जल शक्ति जन भागीदारी अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान का उद्देश्य प्रशासन, स्थानीय संस्थाओं और आम नागरिकों को एक साथ जोड़कर जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना है।
सोनीपत जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिलों में भी जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। इसलिए यहां जल संरक्षण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर जोर
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसके अलावा गांवों और शहरों में मौजूद तालाबों, जोहड़ों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर भी ध्यान दिया जाए।अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि नालों और जल स्रोतों की नियमित सफाई भी जरूरी है, ताकि बारिश के पानी का बेहतर उपयोग किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि भूजल स्तर बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाएं और इन प्रयासों को प्राथमिकता दी जाए।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि इन गतिविधियों की फोटो और रिपोर्ट तैयार कर उन्हें पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इससे जिला प्रशासन के पास अभियान की प्रगति से जुड़ा एक विस्तृत रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि जल संरक्षण के प्रयास तभी सफल हो सकते हैं जब सभी विभाग मिलकर काम करें। पंचायत विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और सिंचाई विभाग जैसे विभागों की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण मानी जाती है।अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि यदि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाओं को लागू करेंगे तो जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। इसके लिए नियमित समीक्षा और प्रगति रिपोर्ट जरूरी है।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर जल शक्ति जन भागीदारी अभियान सोनीपत जिले में जल संरक्षण को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। प्रशासन द्वारा नियमित समीक्षा और विभागों के बीच समन्वय से उम्मीद है कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी और भविष्य में जल संसाधनों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।