पलवल, । संयुक्त पात्रता परीक्षा (CET) के दौरान पलवल जिला प्रशासन और हरियाणा सरकार ने दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए जिस संवेदनशीलता और समर्पण का परिचय दिया, उसने सभी का दिल जीत लिया। शासन की ओर से ऐसे प्रबंध किए गए जिससे दिव्यांगों को परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में किसी तरह की दिक्कत न हो।
परीक्षा केंद्र उनके गृह जिलों में ही तय किए गए और पलवल प्रशासन ने प्रत्येक दिव्यांग छात्र को उनके घर से परीक्षा स्थल तक सुरक्षित और सुलभ ढंग से पहुँचाने के लिए विशेष गाड़ियों और सेवाभावी स्वयंसेवकों की व्यवस्था की। यह सेवाएं निःशुल्क और पूरी तरह से मानवतावादी दृष्टिकोण पर आधारित थीं।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में बराबरी का स्थान मिले। इस दृष्टिकोण से की गई यह पहल राज्य में एक नई शुरुआत की ओर संकेत करती है।
परीक्षार्थियों और उनके परिजनों ने इन व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की और इसे एक मानवीय उदाहरण बताया। यह प्रयास न केवल प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाता है, बल्कि समाज के प्रति उसकी जवाबदेही को भी उजागर करता है।