सोनीपत के सरकारी स्कूल में सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण के लिए आयोजित जागरूकता कार्यक्रम।
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सोनीपत में सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण सोनीपत अभियान की औपचारिक शुरुआत 28 फरवरी से की गई है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में अभिभावकों और छात्राओं को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
यह पहल केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि किशोरियों के स्वास्थ्य के प्रति दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक संगठित प्रयास मानी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक छात्राएं समय पर टीकाकरण का लाभ उठा सकें।
सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण सोनीपत अभियान का उद्देश्य
जिला प्रशासन के अनुसार, इस अभियान का मुख्य लक्ष्य सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण को सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर टीकाकरण से भविष्य में इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।स्कूलों में आयोजित पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों से सीधे संवाद स्थापित किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने वैक्सीन की सुरक्षा, प्रभावशीलता और संभावित लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
स्कूलों में पीटीएम के जरिए संवाद
प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का आयोजन कराया। इन बैठकों का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं था, बल्कि अभिभावकों की शंकाओं का समाधान करना भी था।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एचपीवी वैक्सीन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित और प्रभावी है। उन्होंने अभिभावकों को बताया कि यह टीका किशोरावस्था में लगने पर अधिक प्रभावी होता है और भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचाव में सहायक साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां
जिला टीकाकरण अधिकारी के अनुसार, नागरिक अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। टीकाकरण के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर आवश्यक होगा, जिससे पंजीकरण और रिकॉर्ड संधारण में पारदर्शिता बनी रहे।
पूरे अभियान का डेटा यू-विन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिससे प्रत्येक लाभार्थी का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे भविष्य में फॉलो-अप और निगरानी प्रक्रिया भी आसान होगी।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्व
सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में पाए जाने वाले सामान्य कैंसरों में से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और समय पर टीकाकरण से इस बीमारी की रोकथाम संभव है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई बार समय पर जांच और उपचार नहीं हो पाता।ऐसे में स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे किशोरियों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंच बनाई जा सकती है।
प्रशासन की अपील और जनसहभागिता
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों का टीकाकरण अवश्य करवाएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य सुरक्षा से भी जुड़ी है।जनसहभागिता इस अभियान की सफलता की कुंजी मानी जा रही है। यदि अभिभावक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हैं, तो जिले में टीकाकरण कवरेज बेहतर हो सकता है।
निष्कर्ष
समग्र रूप से, सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण सोनीपत अभियान किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्कूलों में जागरूकता, स्वास्थ्य केंद्रों पर सुव्यवस्थित व्यवस्था और डिजिटल रिकॉर्डिंग प्रणाली इस पहल को मजबूत आधार प्रदान करती है। यदि समुदाय का सहयोग निरंतर बना रहा, तो यह अभियान भविष्य में गंभीर बीमारियों की रोकथाम में प्रभावी साबित हो सकता है।