हथीन सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन का शुभारंभ करते स्वास्थ्य अधिकारी
सीएचसी हथीन में अल्ट्रासाउंड सुविधा का औपचारिक शुभारंभ
पलवल जिले के हथीन ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हथीन में गुरुवार को अल्ट्रासाउंड जांच सुविधा का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस सुविधा के पुनः आरंभ होने से हथीन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बंद पड़ी इस महत्वपूर्ण जांच सेवा के कारण मरीजों को जिला अस्पताल या निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती थी।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य व सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधि रहे मौजूद
उद्घाटन अवसर पर समाजसेवी मनोज रावत, सिविल सर्जन पलवल डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ, उप सिविल सर्जन डॉ. संजय शर्मा, अन्य चिकित्सा अधिकारी तथा सोसाइटी फॉर एप्लाइड स्टडीज (एसएएस) के प्रतिनिधि साहिल अत्री उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं की साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।
लंबे समय से बंद थी जांच सुविधा
सीएचसी हथीन में अल्ट्रासाउंड सुविधा पिछले कुछ समय से बंद थी, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रोगियों को जांच के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में जाना पड़ता था। इस समस्या को हाल ही में आयोजित एक को-डिजाइन बैठक में प्रमुखता से उठाया गया था। बैठक में हरियाणा स्वास्थ्य निदेशालय के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आए हैं।
सप्ताह में एक दिन मिलेगी सेवा, आगे विस्तार की योजना
समाजसेवी मनोज रावत ने एसएएस संस्था की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान में यह अल्ट्रासाउंड सेवा सप्ताह में एक दिन उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में सेवा की आवृत्ति बढ़ाई जाएगी ताकि अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने संस्था से सहयोग को और मजबूत करने का आग्रह भी किया, जिससे हथीन क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं में निरंतर सुधार हो सके।
जिला अस्पताल पर दबाव होगा कम
इस अवसर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ललित शर्मा ने अल्ट्रासाउंड मशीन का शुभारंभ करते हुए बताया कि सीएचसी स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को जिला अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। इससे एक ओर जहां स्थानीय लोगों को नजदीक जांच सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ कम होगी। इसका सीधा असर वहां मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने किया अस्पताल का निरीक्षण
उद्घाटन कार्यक्रम के बाद सिविल सर्जन डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ और उप सिविल सर्जन डॉ. संजय शर्मा ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ बुनियादी कमियों की पहचान की गई, जिन्हें शीघ्र दूर करने का आश्वासन अधिकारियों ने दिया। साथ ही सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों के लाभार्थियों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए सीएचसी हथीन भेजें।
जन प्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लॉक के सभी जन प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को इस सुविधा के बारे में जागरूक करें। अधिकारियों का मानना है कि जागरूकता बढ़ने से जरूरतमंद मरीज समय पर जांच करवा सकेंगे, जिससे कई गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में ही पहचान संभव हो पाएगी।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अहम कदम
हथीन जैसे ग्रामीण क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड सुविधा का उपलब्ध होना स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था से जुड़ी जांच, पेट व गुर्दे से संबंधित रोगों और अन्य आंतरिक समस्याओं की पहचान के लिए अल्ट्रासाउंड एक जरूरी जांच है। स्थानीय स्तर पर यह सुविधा मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं में समानता और पहुंच दोनों में सुधार होगा।