लघु सचिवालय सोनीपत में सीएम घोषणाओं से जुड़े विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक
सोनीपत जिले में मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित विकास कार्यों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त सुशील सारवान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित विभाग मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और यदि कहीं भी लापरवाही या कमी पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश बुधवार को लघु सचिवालय, सोनीपत में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सुशील सारवान ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
लंबित कार्यों की विस्तार से समीक्षा
बैठक के दौरान उपायुक्त ने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित सभी लंबित विकास कार्यों की एक-एक कर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली और जहां-जहां देरी हो रही है, उसके कारणों की जानकारी भी मांगी।
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं जनता से किए गए वादों का हिस्सा होती हैं और इन्हें समय पर पूरा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
साप्ताहिक समीक्षा बैठक का निर्णय
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़े कार्यों की अब साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी विभाग नियमित रूप से कार्यों की प्रगति पर नजर रखें और समय रहते समस्याओं का समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना में तकनीकी, वित्तीय या प्रशासनिक बाधा आ रही है, तो संबंधित अधिकारी तत्काल इसकी जानकारी दें, ताकि समय पर समाधान कर कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।
गुणवत्ता पर विशेष जोर
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि है। सड़कों, गलियों, चौपालों, स्टेडियमों या अन्य किसी भी निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी कार्य में घटिया सामग्री या निर्माण में खामी पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे यह संदेश दिया गया कि प्रशासन अब केवल काम पूरा होने पर ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता पर भी बराबर ध्यान देगा।
किन विकास कार्यों पर है फोकस
बैठक में जिन विकास कार्यों पर विशेष चर्चा हुई, उनमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के प्रोजेक्ट शामिल थे। इनमें सड़कों का निर्माण और मरम्मत, गांवों में खेल स्टेडियमों का निर्माण, चौपालों का निर्माण, आंतरिक गलियों का विकास, बाउंड्री वॉल का निर्माण और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन कार्यों के एस्टीमेट अभी तक नहीं भेजे गए हैं, उन्हें तुरंत तैयार कर भेजा जाए। साथ ही सभी परियोजनाओं की फिजिबिलिटी जांच और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करने को कहा गया।
विभागों के बीच आपसी समन्वय पर जोर
उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि कई बार कार्यों में देरी का कारण विभागों के बीच समन्वय की कमी होती है। इसे दूर करने के लिए सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं होते, बल्कि इसमें कई विभागों की भूमिका होती है। इसलिए सभी अधिकारी आपसी सहयोग से कार्य करें, ताकि जनता को समय पर सुविधाएं मिल सकें।
अधिकारियों की सक्रिय भूमिका जरूरी
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि वे फील्ड स्तर पर जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लें। केवल कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट लेने से काम की सही तस्वीर सामने नहीं आती।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से न केवल कार्यों की गति बढ़ेगी, बल्कि गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन, सीटीएम डॉ. अनमोल, डीडीपीओ मनीष मलिक, डीएसओ मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के कार्यकारी अभियंता और सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने उपायुक्त को अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रगति की जानकारी दी।