क्रेडिट कार्ड प्वाइंट रिडीम ठगी मामले में साइबर थाना NIT की टीम द्वारा आरोपी गिरफ्तार
फरीदाबाद में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने एक और बड़ी सफलता दर्ज की है। क्रेडिट कार्ड प्वाइंट रिडीम कराने के नाम पर 1,40,367 रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को साइबर थाना NIT की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई न केवल पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में अहम है, बल्कि ऐसे साइबर ठगों के लिए भी कड़ा संदेश है जो डिजिटल लेन-देन का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बनाते हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की ठगी में ठग अक्सर आकर्षक संदेशों और फर्जी लिंक के जरिए लोगों को जाल में फंसाते हैं। तकनीकी जानकारी की कमी और जल्द लाभ पाने की इच्छा का फायदा उठाकर वे बैंक खातों से बड़ी रकम निकाल लेते हैं।
शिकायत से गिरफ्तारी तक का पूरा मामला
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि एनआईटी-5, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना NIT में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 24 मई को उसके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड प्वाइंट रिडीम से संबंधित एक संदेश आया। संदेश में दिए गए लिंक को खोलते ही एक वेबसाइट खुली, जहां उससे कार्ड की जानकारी और ओटीपी दर्ज करने को कहा गया।
जानकारी भरते ही पीड़ित का मोबाइल फोन अचानक हैंग हो गया। कुछ ही मिनटों में उसके बैंक खाते से 1,40,367 रुपये की राशि कटने के मैसेज आने लगे। पीड़ित को तब समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। इसके बाद उसने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
साइबर थाना NIT की जांच और तकनीकी पड़ताल
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना NIT की टीम ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल की गहन जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
जांच में सामने आया कि आरोपी का नाम अभिषेक शर्मा (29) है, जो दिल्ली के शिकारपुर इलाके का निवासी है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने ठगी से जुड़े कई अहम तथ्य उजागर किए।
बैंक खाते का दुरुपयोग कर की गई ठगी
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने दोस्त आकाश के नाम से एक बैंक खाता खुलवाया था। इस खाते में उसने अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करा रखा था, ताकि ओटीपी और अलर्ट उसी तक पहुंचें। बाद में इस खाते को साइबर ठगों को उपलब्ध करा दिया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ठगी की कुल राशि में से 93,578 रुपये आकाश के खाते में जमा हुए थे। इस मामले में आकाश को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अभिषेक की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क की एक और कड़ी सामने आई है।
अदालत में पेशी और जेल भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी अभिषेक शर्मा को माननीय अदालत में पेश किया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।
बढ़ते साइबर अपराध और पुलिस की रणनीति
फरीदाबाद पुलिस हाल के महीनों में साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान दे रही है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, लिंक फ्रॉड और ओटीपी के जरिए धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। साइबर थाना NIT की टीम तकनीकी संसाधनों और विशेषज्ञों की मदद से अपराधियों की पहचान कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल जागरूकता की कमी साइबर अपराधों का सबसे बड़ा कारण है। इसी वजह से पुलिस समय-समय पर लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से बचने की सलाह देती है।
आम लोगों के लिए क्या सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, कोई भी बैंक या कार्ड कंपनी कभी भी फोन, मैसेज या लिंक के जरिए ओटीपी और गोपनीय जानकारी नहीं मांगती। यदि ऐसा कोई संदेश आए तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें और संबंधित बैंक को सूचित करें। थोड़ी सी सतर्कता बड़ी आर्थिक हानि से बचा सकती है।