दिल्ली में अटल कैंटीन में रियायती भोजन लेने के लिए लंबी लाइनें, गरीब झुग्गी मजदूर प्रतीक्षा करते हुए।
गरीब मजदूरों के लिए रियायती खाना कठिनाई में बदल रहा है
नई दिल्ली, 31 जनवरी 2026 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि अटल कैंटीन योजना गरीब झुग्गी मजदूरों की भूख मिटाने की बजाय उन्हें परेशान करने का साधन बन गई है। उन्होंने बताया कि अटल कैंटीन में 5 रुपये में खाना लेने के लिए अब आधार कार्ड और रेटिना जांच जैसी औपचारिकताएं लागू कर दी गई हैं, जिससे गरीबों को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता है।
यादव ने कहा कि जिन लोगों की सुबह 9 बजे से लाइन में प्रतीक्षा शुरू होती है, उन्हें खाना लेने में 3-5 घंटे लग सकते हैं। इस व्यवस्था से झुग्गीवालों की मूलभूत भूख और समय दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
अटल कैंटीन की संख्या और थालियों की कमी
देवेंद्र यादव ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में लगभग 16 लाख झुग्गीवासियों के लिए केवल 86 अटल कैंटीन संचालित की जा रही हैं। एक समय में केवल 43,000 थालियां ही उपलब्ध हैं, और दिन में दो शिफ्ट जोड़ने के बावजूद कुल थालियों की संख्या 86,000 ही होती है।
यादव का कहना है कि जेजे कलस्टर के लगभग 675-685 क्षेत्रों और बाजार, फैक्ट्री तथा अस्पताल के पास रहने वाले अतिरिक्त गरीबों को मिलाकर लगभग 20 लाख लोग भोजन की प्रतीक्षा में हैं। ऐसे में सरकार की योजना उनकी भूख पूरी करने में पूरी तरह असमर्थ साबित हो रही है।
आधार और रेटिना जांच को लेकर विरोध
देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार द्वारा आधार और रेटिना जांच लागू करने का तर्क यह है कि एक ही व्यक्ति दो बार खाना न ले सके। लेकिन उनका सवाल है कि मौजूदा अटल कैंटीन की दूरी 3-5 किलोमीटर है और सुबह से ही लंबी लाइनें लगी रहती हैं, ऐसे में कोई व्यक्ति दो कैंटीन से खाना कैसे ले सकता है।
यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार की यह प्रक्रिया गरीबों के साथ भद्दा मजाक है और इसे तुरंत सरल बनाने की जरूरत है।
मजदूरों की भूख और अटल कैंटीन की चुनौती
देवेंद्र यादव ने जोर देकर कहा कि दिहाड़ी मजदूरों की भूख केवल अटल कैंटीन के रियायती खाने से पूरी नहीं हो सकती। सरकार को केवल औपचारिकताओं पर ध्यान देने के बजाय अटल कैंटीन की संख्या बढ़ाने और थालियों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन योजना का मकसद गरीबों को भूख से राहत देना है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में यह गरीबों को समय और ऊर्जा की मार दे रही है।
सरकार को विकल्प सुझाने की आवश्यकता
यादव ने सरकार से आग्रह किया कि आधार और रेटिना जांच जैसी शर्तों के बजाय अधिक अटल कैंटीन खोलकर, थालियों की संख्या बढ़ाकर और अधिक कर्मचारियों की तैनाती करके गरीबों को तुरंत खाना उपलब्ध कराया जाए। इससे न केवल झुग्गीवासियों की भूख मिटेगी, बल्कि योजना का मूल उद्देश्य भी सफल होगा।