दिल्ली में अपराध और खराब सीसीटीवी व्यवस्था पर बयान देते देवेंद्र यादव
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने राजधानी में बढ़ते अपराधों को लेकर बीजेपी की केंद्र और दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली में लगभग 7,500 से 9,700 सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब या निष्क्रिय न होते, तो अपराधों पर काफी हद तक नियंत्रण लगाया जा सकता था। अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच का यह आंकड़ा दर्शाता है कि दिल्ली में लगे कुल 2.8 लाख सीसीटीवी कैमरों में बड़ी संख्या काम नहीं कर रही है, जिसकी सीधी जिम्मेदारी सरकार की बनती है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि बिजली कटौती, तकनीकी खामियां, चोरी और तोड़फोड़ के कारण कैमरों का बंद होना प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2025 के मध्य में भी 32 हजार से अधिक कैमरे खराब पाए गए थे, जिससे पहले की सरकारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। बावजूद इसके, मौजूदा बीजेपी सरकार भी सीसीटीवी सिस्टम को दुरुस्त करने में नाकाम साबित हो रही है।
उन्होंने रेखा गुप्ता सरकार से मांग की कि सुरक्षा के मद्देनज़र घोषित 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ-साथ 7,500 से अधिक खराब कैमरों को तुरंत ठीक कराया जाए। यादव ने आरोप लगाया कि बंद पड़े कैमरे अपराधियों के हौसले बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सीसीटीवी परियोजना से जुड़े भ्रष्टाचार मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे जनता का भरोसा भी कमजोर हुआ है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली के रिहायशी इलाकों, बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था बेहद जरूरी है। उन्होंने जीटी करनाल रोड, आश्रम चौक, आनंद विहार, आजादपुर और पंजाबी बाग जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि डार्क स्पॉट खत्म किए जाएं और निगरानी मजबूत हो, तो सड़क दुर्घटनाओं के साथ अपराधों में भी कमी आएगी। उन्होंने बढ़ते अपराधों के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।