दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने भाजपा की दिल्ली सरकार द्वारा राशन कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया में किए गए बदलाव पर कड़ी नाराज़गी जताई है। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड बनवाने और उससे संबंधित कार्यों को विधानसभा स्तर के एफएसओ कार्यालयों से हटाकर जोनल सहायक आयुक्त कार्यालयों में स्थानांतरित करना आम जनता के खिलाफ फैसला है।
देवेन्द्र यादव के अनुसार, इस निर्णय से सबसे अधिक प्रभावित गरीब मजदूर, दिहाड़ी कामगार, निम्न और मध्यम वर्ग के लोग होंगे, जो रोज़मर्रा के छोटे रोजगार पर निर्भर हैं। पहले नजदीकी एफएसओ कार्यालय में जाकर काम आसानी से हो जाता था, लेकिन अब लोगों को कई किलोमीटर दूर जाकर पूरा दिन सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे, जिससे उनकी दिहाड़ी भी प्रभावित होगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीते कई वर्षों से दिल्ली में न तो नए राशन कार्ड बने हैं और न ही बच्चों के नाम जोड़े गए हैं, जिससे हजारों जरूरतमंद परिवार सरकारी राशन से वंचित हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासनिक सुविधा के नाम पर लिया गया यह फैसला गरीबों को राशन प्रणाली से और दूर करने वाला है और सरकार को इस पर तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए।