फरीदाबाद में फरीदाबाद साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला से टेलीग्राम टास्क के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए गए। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन निवेश और टास्क आधारित कमाई के झांसे को लेकर सतर्क रहने की जरूरत को उजागर किया है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में आम नागरिकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-64 निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जून 2025 में उसके व्हाट्सएप पर एक संदेश आया। इसमें उसे एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने और टेलीग्राम के माध्यम से टास्क पूरा कर कमाई करने का प्रस्ताव दिया गया। शुरुआत में महिला को एक लिंक के जरिए ऐप डाउनलोड कराया गया और छोटे टास्क पूरे करने पर 1000 रुपये का बोनस दिया गया। इसके बाद उसे प्रीपेड टेलीग्राम टास्क में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। विश्वास बढ़ने के बाद महिला ने अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल 7,69,308 रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में न तो कोई रिटर्न मिला और न ही संपर्क संभव हुआ।
जांच में सामने आया नेटवर्क
जांच के दौरान फरीदाबाद साइबर ठगी मामले में एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने राजस्थान के टोंक जिले से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान कुशल (25), बुधी प्रकाश (21), लेखराज (38) और सुनील (25) के रूप में हुई। पूछताछ में सामने आया कि कुशल और बुधी प्रकाश खाताधारक थे। उनके खातों में क्रमशः 59,000 और 1 लाख रुपये जमा हुए थे। बाद में इन खातों को अन्य आरोपियों के माध्यम से आगे उपयोग किया गया।
चारों आरोपी आपस में परिचित हैं और एक ही क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क खातों के माध्यम से ठगी की राशि को आगे ट्रांसफर करने में शामिल था।
पुलिस का आधिकारिक बयान
साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने 25 मार्च को विशेष कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, इस प्रकार के मामलों में अपराधी पहले छोटे लाभ देकर पीड़ित का विश्वास जीतते हैं और फिर बड़ी रकम निवेश कराने के लिए प्रेरित करते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, ऐप या टेलीग्राम टास्क में निवेश करने से पहले पूरी जांच करें और सतर्क रहें।
कानूनी कार्रवाई और जांच की स्थिति
मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी लेखराज को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों और ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क ने अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया या नहीं।
आम जनता के लिए महत्व
फरीदाबाद साइबर ठगी का यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते साइबर अपराधों की गंभीरता को दर्शाता है। टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए ठगी के नए तरीके सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि “जल्दी कमाई” और “गारंटीड रिटर्न” जैसे ऑफर अक्सर धोखाधड़ी का हिस्सा होते हैं। ऐसे में नागरिकों को जागरूक रहना और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत शिकायत करना जरूरी है।