फरीदाबाद में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में सामने आए फरीदाबाद गांजा तस्करी मामला में क्राइम ब्रांच NIT की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1300 ग्राम गांजा बरामद किया है।

Image : F.B.D Police Press Release
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इलाके में गांजा बेचने और सप्लाई करने का काम कर रहे थे। इस कार्रवाई को शहर में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
फरीदाबाद गांजा तस्करी मामला: कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 13 मार्च को क्राइम ब्रांच NIT की टीम को सूचना मिली कि भगत सिंह कॉलोनी इलाके में एक व्यक्ति अवैध रूप से गांजा बेचने के लिए मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।जांच के दौरान पुलिस ने सागर नामक व्यक्ति को काबू किया। तलाशी लेने पर उसके पास से करीब 1300 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने यह गांजा इलाके के ही एक अन्य व्यक्ति से खरीदा था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना NIT में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया।
इलाके में नशे के कारोबार पर नजर
फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से नशे के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस लगातार सतर्क है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियां समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं। इसी अभियान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी और निगरानी बढ़ाई गई है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, आरोपी सागर से पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि उसने बरामद गांजा भगत सिंह कॉलोनी निवासी बिट्टू से करीब 20 हजार रुपये में खरीदा था।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बिट्टू को भी उसी इलाके से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कानूनी कार्रवाई और जांच की स्थिति
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी सागर को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं दूसरे आरोपी बिट्टू को आगे की पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इलाके में और कौन-कौन लोग इस अवैध कारोबार से जुड़े हो सकते हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, फरीदाबाद गांजा तस्करी मामला शहर में नशा विरोधी कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा सकता है। पुलिस की इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को रोकने के लिए लगातार सक्रिय हैं। आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि इस मामले के पीछे कितना बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।