फरीदाबाद सामुदायिक पुलिसिंग जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को संबोधित करते अधिकारी
फरीदाबाद सामुदायिक पुलिसिंग जागरूकता कार्यक्रम के तहत शहर में युवाओं को कानून, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के प्रति जागरूक करने की पहल तेज की गई है। इसी क्रम में बल्लभगढ़ स्थित सुषमा स्वराज महिला महाविद्यालय में एक विस्तृत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया।पुलिस विभाग का उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को समय रहते जागरूक करना भी है। विशेष रूप से छात्राओं को कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी देना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
फरीदाबाद सामुदायिक पुलिसिंग जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य
इस कार्यक्रम की शुरुआत सहायक पुलिस आयुक्त बल्लभगढ़ जितेश मल्होत्रा ने की। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार और समाज की संरचना पर भी नकारात्मक असर डालता है। इसलिए युवाओं को जागरूक रहकर ऐसी प्रवृत्तियों से दूरी बनानी चाहिए।
महिला सुरक्षा और बाल विवाह कानून पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक पुलिसिंग सेल की प्रभारी निरीक्षक सुनीता ने छात्राओं को महिला अपराधों से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम और उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जो लड़कियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालती है। कानून की जानकारी होने से छात्राएं न केवल स्वयं को सुरक्षित रख सकती हैं, बल्कि समाज में गलत प्रथाओं के खिलाफ आवाज भी उठा सकती हैं।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
कार्यक्रम में विभिन्न आपातकालीन और सहायता सेवाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। छात्राओं को निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई:
• डायल 112 – आपातकालीन सेवा
• 1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
• 1033 – सड़क सुरक्षा संबंधित सहायता
• 1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
इसके साथ ही नशे से संबंधित शिकायत और परामर्श के लिए MANAS ऐप के उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इन सेवाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है।
पृष्ठभूमि: क्यों जरूरी है ऐसी पहल
पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और नशा संबंधित मामलों में वृद्धि देखी गई है। ऐसे में केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं मानी जाती। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से संभावित जोखिमों को पहले ही कम किया जा सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलेज स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। जब छात्राएं अपने अधिकारों और उपलब्ध संसाधनों से परिचित होती हैं, तो वे संकट की स्थिति में सही कदम उठा सकती हैं।
छात्राओं की भागीदारी और प्रतिक्रिया
इस कार्यक्रम में लगभग 650 छात्राओं ने भाग लिया। संवादात्मक सत्र के दौरान छात्राओं ने प्रश्न भी पूछे और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने नशा मुक्त और कुरीतियों से मुक्त समाज बनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया। यह पहल पुलिस और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण भी मानी जा रही है।
निष्कर्ष
फरीदाबाद सामुदायिक पुलिसिंग जागरूकता कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है। महिला सुरक्षा, नशा मुक्ति और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देकर पुलिस ने युवाओं को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।यदि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते रहें, तो यह शहर में जागरूक और जिम्मेदार नागरिक संस्कृति विकसित करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।