हरियाणा एआई मिशन के लिए गुरुग्राम में प्रस्तावित एआई प्रशिक्षण केंद्र का दृश्य
हरियाणा सरकार ने राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा एआई मिशन स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस पहल के लिए विश्व बैंक द्वारा लगभग 470 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया गया है।सरकार का दावा है कि यह मिशन राज्य के युवाओं को उभरती प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित कर रोजगार और नवाचार के नए अवसर खोलेगा। प्रस्ताव के तहत गुरुग्राम और पंचकूला में अत्याधुनिक एआई हब स्थापित किए जाएंगे।
तकनीकी बदलाव के दौर में नई पहल
डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) वैश्विक स्तर पर विकास का प्रमुख आधार बन चुकी है। उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान तेजी से अपनाए जा रहे हैं।इसी परिप्रेक्ष्य में हरियाणा एआई मिशन को राज्य की दीर्घकालिक तकनीकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो हरियाणा उत्तरी भारत में एआई नवाचार का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
गुरुग्राम और पंचकूला में एआई हब
प्रस्तावित मिशन के अंतर्गत गुरुग्राम और पंचकूला में एक-एक एआई हब स्थापित किया जाएगा। इन हब में आधुनिक प्रयोगशालाएं, शोध सुविधाएं और कौशल विकास केंद्र विकसित किए जाने की योजना है।सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन केंद्रों में डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
50 हजार युवाओं को प्रशिक्षण
हरियाणा एआई मिशन के तहत लगभग 50 हजार युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जाएंगे, ताकि युवाओं को सीधे रोजगार बाजार से जोड़ा जा सके।यह पहल विशेष रूप से इंजीनियरिंग, आईटी और विज्ञान पृष्ठभूमि के छात्रों के साथ-साथ कौशल उन्नयन की चाह रखने वाले युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
राज्य में एआई आधारित पारिस्थितिकी तंत्र के विकास से स्टार्टअप संस्कृति को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। यदि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग स्थापित होता है, तो अनुसंधान एवं नवाचार की गति तेज हो सकती है।विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी कौशल में वृद्धि से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
इस खबर का असर क्या होगा?
हरियाणा एआई मिशन लागू होने पर राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार क्षमता बढ़ेगी और राज्य डिजिटल प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकेगा।दीर्घकाल में यह पहल हरियाणा को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ला सकती है।
निष्कर्ष
तकनीकी परिवर्तन के इस दौर में कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देना अनिवार्य हो गया है। हरियाणा एआई मिशन इसी दिशा में एक महत्वाकांक्षी कदम है, जो यदि प्रभावी रूप से क्रियान्वित हुआ, तो राज्य के युवाओं और अर्थव्यवस्था दोनों को नई दिशा दे सकता है।