
Image Source : DIPRO Government Of Haryana
हरियाणा में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के बीच सरकार ने साफ संकेत दिया है कि इस वर्ष परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। हरियाणा बोर्ड परीक्षा नकल-रहित कराने को लेकर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।बैठक में जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में क्या हुआ?
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जिला प्रशासन को नियमित निरीक्षण करने और किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने परीक्षा कार्यक्रम, प्रश्नपत्र वितरण और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रस्तुति दी।
नकल रोकने के लिए बहुस्तरीय रणनीति
राज्य में पहले भी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल की घटनाएं सुर्खियों में रही हैं। ऐसे मामलों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। इसी पृष्ठभूमि में इस बार सख्त कदम उठाने की तैयारी की गई है।प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनधिकृत भीड़ एकत्र न होने दी जाए। आवश्यक होने पर धारा 144 जैसे कानूनी प्रावधानों का उपयोग भी किया जा सकता है।इसके अतिरिक्त, परीक्षा कक्षों में बाहरी हस्तक्षेप रोकने और तकनीकी माध्यमों से निगरानी मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
स्थानीय स्तर पर भागीदारी पर जोर
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि केवल पुलिस बल से ही नकल की समस्या पर पूर्ण नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए स्थानीय समुदाय का सहयोग भी जरूरी है।मुख्यमंत्री ने सरपंचों और ग्राम सभाओं से अपील की कि वे परीक्षा केंद्रों के आसपास अनुशासन बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें। इससे सामाजिक स्तर पर भी परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने का संदेश जाएगा।शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में इस बात पर सहमति बनी कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी इन परीक्षाओं को निष्पक्ष बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
प्रशासनिक जवाबदेही तय
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि किसी भी केंद्र पर नकल या अव्यवस्था की स्थिति में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और परीक्षा अवधि के दौरान विशेष निगरानी दल गठित करने का भी सुझाव दिया गया। इससे शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी।
शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता का सवाल
हरियाणा बोर्ड परीक्षा नकल-रहित सुनिश्चित करने की पहल केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की साख से जुड़ा विषय है। बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य की दिशा तय करती हैं।
यदि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी, तो विद्यार्थियों का मनोबल भी बढ़ेगा और मेरिट आधारित चयन प्रणाली को मजबूती मिलेगी।
इस खबर का असर क्या होगा?
हरियाणा बोर्ड परीक्षा नकल-रहित कराने के लिए दिए गए निर्देशों से जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र की सक्रियता बढ़ेगी। संवेदनशील केंद्रों पर निगरानी कड़ी होने से नकल की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।साथ ही, स्थानीय समुदाय की भागीदारी से परीक्षा वातावरण अधिक अनुशासित और सुरक्षित बन सकता है। इससे छात्रों और अभिभावकों में विश्वास मजबूत होगा।
निष्कर्ष
बोर्ड परीक्षाएं किसी भी राज्य की शिक्षा प्रणाली की गंभीरता को दर्शाती हैं। हरियाणा बोर्ड परीक्षा नकल-रहित सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम प्रशासनिक इच्छाशक्ति का संकेत हैं।हालांकि, इन निर्देशों की सफलता जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। यदि जिला स्तर पर समन्वय और निगरानी मजबूत रही, तो यह पहल आने वाले वर्षों के लिए एक मानक स्थापित कर सकती है।