चंडीगढ़ में हरियाणा बजट 2025-26 को लेकर प्रेस वार्ता करते मुख्यमंत्री।
चंडीगढ़ में आयोजित बजट पूर्व प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगामी हरियाणा बजट 2025-26 को राज्य की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषित योजनाओं का बड़ा हिस्सा जमीन पर उतर चुका है और आर्थिक संकेतक राज्य की मजबूती को दर्शा रहे हैं।मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए की गई 248 घोषणाओं में से 77 बजट घोषणाएं पूरी कर ली गई हैं। यह आंकड़ा न केवल प्रशासनिक गति को दर्शाता है बल्कि आगामी बजट से जनता की अपेक्षाओं को भी रेखांकित करता है।
हरियाणा बजट 2025-26 में घोषणाओं की प्रगति
सरकार ने जानकारी दी कि विभिन्न विभागों के माध्यम से लागू की गई योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। 248 में से 77 घोषणाओं का पूर्ण होना इस बात का संकेत है कि नीति निर्माण के साथ-साथ क्रियान्वयन पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।इन घोषणाओं में आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विस्तार से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि आगामी बजट केवल नई योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अधूरी परियोजनाओं को गति देने पर भी जोर रहेगा।
आर्थिक प्रदर्शन: जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में 12.67 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत की तुलना में प्रतिस्पर्धी मानी जा रही है।प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी हरियाणा देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है। पिछले दस वर्षों में प्रति व्यक्ति आय लगभग ढाई गुना बढ़ने का दावा किया गया है। यह आंकड़ा औद्योगिक विकास, कृषि उत्पादकता और सेवा क्षेत्र के विस्तार को दर्शाता है।आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वृद्धि दर स्थिर बनी रहती है तो राज्य निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन के क्षेत्र में और मजबूत स्थिति में आ सकता है।
राजस्व और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य के राजस्व में 52,376 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि कर संग्रहण, औद्योगिक गतिविधियों और व्यापार विस्तार का परिणाम मानी जा रही है।इसके साथ ही राज्य का निर्यात 19.10 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की जानकारी दी गई। ऑटोमोबाइल, कृषि-आधारित उत्पाद, आईटी सेवाएं और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र इस वृद्धि के प्रमुख कारक बताए गए हैं।निर्यात में बढ़ोतरी से विदेशी निवेश और औद्योगिक इकाइयों के विस्तार की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं, जो राज्य की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का हिस्सा हैं।
विकसित हरियाणा 2047 की दिशा में रणनीति
सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2047 तक हरियाणा को विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।दीर्घकालिक विकास मॉडल में ग्रामीण-शहरी संतुलन, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दी गई है। सरकार का दावा है कि मौजूदा आर्थिक संकेतक इस लक्ष्य की दिशा में सकारात्मक प्रगति का संकेत देते हैं।
विपक्ष और आर्थिक विश्लेषण का दृष्टिकोण
हालांकि सरकार ने उपलब्धियों को रेखांकित किया है, लेकिन विपक्ष और स्वतंत्र आर्थिक विश्लेषक आगामी बजट में व्यावहारिक चुनौतियों पर भी ध्यान देने की बात कर रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्व वृद्धि के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में निवेश, महंगाई नियंत्रण और रोजगार की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर ठोस नीति आवश्यक होगी। केवल घोषणाओं की संख्या नहीं, बल्कि उनके वास्तविक प्रभाव को भी मापा जाना चाहिए।
हरियाणा बजट 2025-26 से जनता की अपेक्षाएं
आगामी हरियाणा बजट 2025-26 से किसानों, युवाओं, उद्यमियों और मध्यम वर्ग को विशेष उम्मीदें हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, उद्योगों को प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करना प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल है।यदि सरकार घोषित लक्ष्यों के अनुरूप क्रियान्वयन सुनिश्चित करती है, तो राज्य की आर्थिक स्थिति और सुदृढ़ हो सकती है।
निष्कर्ष
चंडीगढ़ में हुई प्रेस वार्ता के माध्यम से सरकार ने हरियाणा बजट 2025-26 को विकास और स्थिर आर्थिक प्रगति का प्रतीक बताने की कोशिश की है। जीडीपी वृद्धि, राजस्व विस्तार और निर्यात में बढ़ोतरी के आंकड़े सकारात्मक संकेत देते हैं, लेकिन दीर्घकालिक सफलता के लिए सतत क्रियान्वयन और सामाजिक संतुलन आवश्यक होगा।आगामी बजट यह तय करेगा कि विकास के दावे किस हद तक जमीनी हकीकत में बदलते हैं।