हरियाणा बजट जनहितैषी विषय पर ग्रामीणों से संवाद करते डॉ अरविंद शर्मा
हरियाणा में आगामी वित्तीय वर्ष को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच हरियाणा बजट जनहितैषी होने का दावा करते हुए सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का बजट हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।गोहाना विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि यह बजट अंत्योदय की भावना से प्रेरित होगा और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखेगा।
गोहाना में जनसंवाद और विकास पर चर्चा
शनिवार को मंत्री ने गोहाना क्षेत्र के रोलद लतीफपुर, दोदवा, जौली और खेड़ी दमकन सहित कई गांवों का दौरा किया। सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेते हुए उन्होंने स्थानीय नागरिकों से विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की और सुझाव भी लिए।ग्रामीणों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास की दिशा तय करने का माध्यम होता है। सरकार चाहती है कि नीतियां जमीनी जरूरतों के अनुरूप हों और उनका प्रभाव सीधे लोगों के जीवन में दिखाई दे।
किसान, युवा और महिलाओं पर विशेष ध्यान
कृषि और सहकारिता क्षेत्र को मजबूती
मंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना प्राथमिकता में शामिल है। सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा देने और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए योजनाओं का विस्तार किया जाएगा। उनका कहना था कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती से ही प्रदेश का समग्र विकास संभव है।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और कौशल विकास कार्यक्रमों को गति देने की दिशा में भी बजट में प्रावधान किए जाएंगे। औद्योगिक निवेश और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार सृजन पर जोर रहेगा।
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा
महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह, उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और सुदृढ़ करने की बात भी सामने आई। मंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना समावेशी विकास संभव नहीं है।
आधारभूत ढांचे और सेवाओं का विस्तार
ग्रामीणों से संवाद के दौरान सड़कों के सुदृढ़ीकरण, पेयजल आपूर्ति, शिक्षा संस्थानों के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मंत्री ने आश्वस्त किया कि इन क्षेत्रों में निरंतर निवेश किया जा रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर काम कर रही है, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। जनभागीदारी को विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस
गांवों के समग्र विकास को प्रदेश की प्रगति से जोड़ते हुए मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं और रोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी है। यदि गांव मजबूत होंगे तो राज्य की आर्थिक संरचना भी सुदृढ़ होगी।विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में यदि कृषि, सहकारिता और बुनियादी ढांचे पर संतुलित निवेश किया जाता है, तो इससे दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता हासिल की जा सकती है।
इस खबर का असर क्या होगा?
हरियाणा बजट जनहितैषी होने के संकेत से विभिन्न वर्गों में अपेक्षाएं बढ़ी हैं। यदि बजट में घोषित योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो किसानों, युवाओं और महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विस्तार से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। बजट की वास्तविक सफलता उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
आगामी वित्तीय वर्ष का बजट हरियाणा के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। हरियाणा बजट जनहितैषी होने का दावा तभी सार्थक होगा जब योजनाएं पारदर्शी तरीके से लागू हों और लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। आने वाले समय में बजट के प्रावधानों और उनके प्रभाव पर सभी की नजरें रहेंगी।