कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते डॉ. अरविंद शर्मा।
हरियाणा के खिलाड़ी ओलंपिक में भी मजबूत प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रमंडल खेलों की सफलता को दोहराएंगे। यह विश्वास सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने गोहाना के गांव माहरा में आयोजित एक कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि राज्य में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होने से युवाओं की रुचि लगातार बढ़ रही है। इसी का परिणाम है कि हरियाणा आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर अपनी अलग पहचान बना चुका है।
हरियाणा के खिलाड़ी ओलंपिक की तैयारी में आगे
महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती के अवसर पर आयोजित विशाल कबड्डी प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में खेल नीतियों को प्राथमिकता दी गई है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और आर्थिक प्रोत्साहन उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने आगामी 2030 राष्ट्रमंडल खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात के अहमदाबाद में प्रस्तावित प्रतियोगिता में राज्य के खिलाड़ी सशक्त प्रदर्शन करेंगे और आगे चलकर ओलंपिक में भी इसी प्रदर्शन को दोहराएंगे।
उपलब्धियां और आंकड़ों की पृष्ठभूमि
मंत्री ने बताया कि टोक्यो ओलंपिक में भारत के 126 खिलाड़ियों में से 32 खिलाड़ी हरियाणा से थे। देश को मिले सात पदकों में हरियाणा के खिलाड़ियों का उल्लेखनीय योगदान रहा। इसी प्रकार पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत को मिले छह पदकों में से पांच पदक विजेता हरियाणा से थे।
पिछले 11 वर्षों में लगभग साढ़े 16 हजार खिलाड़ियों को करीब 700 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई है। इसके अलावा 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां भी प्रदान की गई हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य सरकार ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
खेल संस्कृति और युवाओं की बढ़ती भागीदारी
मंत्री ने कहा कि खेल अब केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। गांव-गांव में खेल अकादमियों और बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ग्रामीण स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताएं नई प्रतिभाओं को सामने लाने में सहायक साबित हो रही हैं।
विकास कार्यों की घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने गांव माहरा में 40 लाख रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन किया। साथ ही 12 लाख रुपये की लागत से बनने वाली ब्राह्मण चौपाल का शिलान्यास किया।
उन्होंने खेल स्टेडियम में शेड निर्माण, तालाब की चारदीवारी, नाले के निर्माण और खेल अकादमी की सुविधाओं के विस्तार की भी घोषणा की। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को बेहतर खेल ढांचा उपलब्ध कराना है।
इस खबर का असर क्या होगा?
हरियाणा के खिलाड़ी ओलंपिक में दम दिखाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यदि राज्य सरकार की खेल नीतियां और प्रोत्साहन योजनाएं इसी तरह जारी रहीं तो युवाओं का मनोबल और बढ़ेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार से नई प्रतिभाओं को अवसर मिलेगा, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की भागीदारी मजबूत हो सकती है। यह पहल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और राज्य की खेल पहचान को और सशक्त बनाने में सहायक होगी।
निष्कर्ष
हरियाणा ने बीते वर्षों में खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। हरियाणा के खिलाड़ी ओलंपिक में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करें, इसके लिए नीतिगत समर्थन, आर्थिक सहायता और बुनियादी ढांचे का विस्तार निर्णायक भूमिका निभाएगा।
यदि सरकार और समाज मिलकर खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करते रहे, तो आने वाले वर्षों में राज्य का योगदान और भी व्यापक रूप में सामने आ सकता है।