मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा योजनाओं की राशि लाभार्थियों को जारी करते हुए
हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर के लाखों जरूरतमंद नागरिकों को बड़ी राहत दी है। विभिन्न सामाजिक और आर्थिक सहायता योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई है, जिससे सरकार की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) नीति को और मजबूती मिली है।
यह पहल न केवल पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है, बल्कि इससे समाज के कमजोर वर्गों—महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और किसानों—को समय पर आर्थिक सहायता सुनिश्चित हो रही है।
डीबीटी के जरिए 56 लाख से अधिक लाभार्थियों को सीधा लाभ
हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 18 योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 56,34,000 लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹1,431 करोड़ की राशि सीधे डाली गई। सरकार का कहना है कि डीबीटी प्रणाली से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और पात्र लोगों तक सहायता बिना किसी देरी के पहुंच रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर पात्र व्यक्ति को उसका हक समय पर मिले और किसी भी योजना में पारदर्शिता से समझौता न हो।
दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की चौथी किस्त जारी
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना एक अहम पहल मानी जाती है। इस योजना की चौथी किस्त के रूप में प्रदेश के 9,22,000 से अधिक लाभार्थियों के खातों में ₹193 करोड़ की राशि डाली गई।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह योजना बालिकाओं और महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ परिवारों को आर्थिक संबल देने का कार्य कर रही है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन से बुजुर्गों और जरूरतमंदों को राहत
हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का महत्वपूर्ण स्थान है। वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और अन्य श्रेणियों के अंतर्गत 34,14,000 लाभार्थियों को ₹1,098 करोड़ की राशि जारी की गई।
यह पेंशन उन परिवारों के लिए स्थायी आय का साधन है, जिनके पास नियमित कमाई का कोई अन्य स्रोत नहीं है। सरकार का दावा है कि पेंशन भुगतान में देरी की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
हर घर-हर गृहिणी योजना से रसोई बजट को सहारा
महंगाई के दौर में रसोई गैस की लागत आम परिवारों पर बोझ बनती जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 12,62,000 लाभार्थियों के बैंक खातों में नवंबर और दिसंबर माह की सब्सिडी राशि स्थानांतरित की गई।
इसके अलावा, गैस सिलेंडर रिफिल कराने वाली महिलाओं के खातों में ₹38.97 करोड़ की सब्सिडी डाली गई, जिससे घरेलू खर्चों में सीधी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना से किसानों को समर्थन
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत ₹101 करोड़ की राशि जारी की गई। इस योजना का लाभ प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को मिल रहा है, जिससे दूध उत्पादन को प्रोत्साहन और किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार का मानना है कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक होंगी।
पेंशन और पात्रता संबंधी शिकायतों के निपटारे के निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मौके पर पेंशन से जुड़ी समस्याओं और आय आधारित पात्रता संबंधी शिकायतों पर भी ध्यान दिया। उन्होंने सभी जिलों के अपर उपायुक्तों (ADC) को निर्देश दिए कि ऐसी शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े।
इस खबर का असर क्या होगा?
हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत की गई इस बड़ी डीबीटी पहल से प्रदेश के लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में तात्कालिक सुधार होने की उम्मीद है। महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और किसानों को सीधे बैंक खातों में राशि मिलने से भरोसा बढ़ेगा और सरकारी योजनाओं की पहुंच मजबूत होगी। साथ ही, पेंशन और सब्सिडी से जुड़े मामलों में प्रशासनिक जवाबदेही भी बढ़ेगी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं राज्य की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। करोड़ों रुपये की राशि का पारदर्शी तरीके से वितरण यह संकेत देता है कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं को ज़मीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इन योजनाओं का दीर्घकालिक असर प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिरता पर साफ तौर पर दिखाई दे सकता है।