क्राइम ब्रांच द्वारा बरामद किए गए कॉपर और एल्युमिनियम तारों का दृश्य।
फरीदाबाद में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम स्टोर चोरी का मामला उजागर
फरीदाबाद के सेक्टर-25 स्थित सरकारी विद्युत स्टोर से तार और केबल चोरी के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम स्टोर चोरी प्रकरण में क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 की टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में चोरी किया गया सामान बरामद किया है।
यह मामला केवल एक साधारण चोरी का नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति और बिजली आपूर्ति तंत्र से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। पुलिस जांच के अनुसार, चोरी की वारदात 3 फरवरी को सामने आई, जब स्टोर की निगरानी कर रहे कर्मचारी ने उच्च अधिकारियों को अनआर्मर्ड कॉपर केबल और अन्य सामान के गायब होने की सूचना दी।
शिकायत से गिरफ्तारी तक: जांच की पूरी कहानी
सेक्टर-25 स्थित स्टोर के कनिष्ठ अभियंता की शिकायत पर थाना सेक्टर-58 में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू की और तकनीकी व स्थानीय इनपुट के आधार पर संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया तेज की।
जांच के दौरान सामने आया कि चोरी में प्रयुक्त वाहन दिल्ली निवासी एक कबाड़ी का था। इसी कड़ी में पुलिस ने दिल्ली के दरियागंज क्षेत्र में छापेमारी कर आरोपी मोईनुदीन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी में संलिप्तता स्वीकार की और उसके गोदाम से बड़ी मात्रा में तार और केबल बरामद किए गए।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस के अनुसार, आरोपी के कबाड़ गोदाम से निम्न सामान बरामद किया गया:
- कॉपर वायर के 2 बंडल
- एल्युमिनियम तार के 16 बंडल
- एल्युमिनियम वायर के 5 बंडल
- एल्युमिनियम वायर के 56 टुकड़े
- तारों के 4 ड्रम
बरामदगी से स्पष्ट है कि चोरी योजनाबद्ध तरीके से की गई थी और माल को कबाड़ के रूप में बेचने की तैयारी थी। आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि नेटवर्क और संभावित अन्य आरोपियों की जानकारी जुटाई जा सके।
सार्वजनिक संपत्ति पर बढ़ते खतरे
हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम स्टोर चोरी जैसी घटनाएं केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहतीं। कॉपर और एल्युमिनियम जैसे धातु के तार बिजली आपूर्ति तंत्र की रीढ़ माने जाते हैं। इनके अभाव में रखरखाव और मरम्मत कार्य प्रभावित हो सकते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि धातु की बढ़ती कीमतों के कारण ऐसे मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। कबाड़ बाजार में बिना सत्यापन के माल खरीदने की प्रवृत्ति भी इस समस्या को बढ़ावा देती है।
पुलिस की रणनीति और आगे की कार्रवाई
फरीदाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संस्थानों से जुड़े अपराधों को गंभीरता से लिया जा रहा है। क्राइम ब्रांच की विशेष टीमें लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर रख रही हैं जो सार्वजनिक संपत्ति को निशाना बनाते हैं।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि क्या चोरी के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इससे पहले भी इसी तरह की वारदातें आरोपी द्वारा की गई थीं।
इस खबर का असर क्या होगा?
हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम स्टोर चोरी मामले का सीधा असर सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। संभावना है कि अब स्टोर और गोदामों में निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा, सीसीटीवी कवरेज बढ़ाया जाएगा और प्रवेश-निकास की प्रक्रिया को सख्त किया जाएगा।
इसके अलावा, कबाड़ कारोबार से जुड़े लोगों पर भी निगरानी कड़ी हो सकती है। पुलिस और प्रशासन धातु खरीद-फरोख्त के रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। आम नागरिकों के लिए यह संदेश भी स्पष्ट है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष
हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम स्टोर चोरी का खुलासा पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच का परिणाम है। हालांकि एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन यह मामला व्यापक नेटवर्क की संभावना की ओर भी संकेत करता है। सार्वजनिक संस्थानों की संपत्ति की सुरक्षा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और निगरानी ही भविष्य में अपराध पर अंकुश लगा सकती है।