सतवागढ़ी में निर्माणाधीन यमुना पुल का निरीक्षण करते जिला प्रशासन के अधिकारी।
पलवल जिले में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने सक्रिय कदम बढ़ाए हैं। हसनपुर यमुना पुल निर्माण और क्षेत्र की अन्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने हसनपुर खंड का विस्तृत दौरा किया।इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयसीमा और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना में ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
यमुना पुल का स्थलीय निरीक्षण
उपायुक्त ने होडल विधायक हरेंद्र सिंह के साथ गांव सतवागढ़ी पहुंचकर यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया। पुल के तकनीकी कार्य, निर्माण सामग्री और सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी लेते हुए उन्होंने संबंधित एजेंसी से प्रगति रिपोर्ट मांगी।अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि परियोजना को तय समय में पूरा किया जाए और गुणवत्ता मानकों से किसी प्रकार का समझौता न हो। प्रशासन के अनुसार यह पुल हरियाणा और उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र के बीच संपर्क को सुदृढ़ करेगा।
सड़क सुदृढ़ीकरण परियोजना का शुभारंभ
दौरे के दौरान उपायुक्त ने हसनपुर-माहौली सड़क मार्ग के सुदृढ़ीकरण कार्य का शुभारंभ भी किया। लगभग 4.10 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर करीब 2 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत आएगी।सड़क परियोजना के तहत पुराने मार्ग की मरम्मत, सतह सुधार और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। अधिकारियों को निर्माण की गति बनाए रखने और निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का जायजा
उपायुक्त ने निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने भवन निर्माण की प्रगति, उपयोग में लाई जा रही सामग्री की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की।
निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य केंद्र को तय समयसीमा में तैयार किया जाए ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और मरीजों की सुविधा से जुड़े प्रबंधों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
हसनपुर यमुना पुल निर्माण से जुड़े विकास आयाम
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि हसनपुर यमुना पुल निर्माण केवल एक अवसंरचनात्मक परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है। पुल बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।विशेष रूप से 84 कोस ब्रज परिक्रमा मार्ग से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए यह पुल उपयोगी साबित हो सकता है। स्थानीय लोगों ने परिक्रमा मार्ग पर मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने की मांग भी रखी। प्रशासन ने लगभग 37 किलोमीटर लंबे मार्ग पर शौचालय, पेयजल और शेड जैसी सुविधाएं विकसित करने का आश्वासन दिया है।
जनसुनवाई से शुरू हुआ दौरा
दौरे की शुरुआत हसनपुर विश्राम गृह में जनसुनवाई से हुई। उपायुक्त ने स्थानीय नागरिकों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर समाधान के निर्देश दिए।लोगों ने सड़क, स्वास्थ्य और परिक्रमा मार्ग से संबंधित मुद्दे उठाए। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाएगी।
गुणवत्ता और समयसीमा पर सख्ती
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि विकास परियोजनाओं में देरी या मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को नियमित निगरानी और फील्ड निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए गए।उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट नियमित रूप से उच्च स्तर पर साझा की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस खबर का असर क्या होगा?
हसनपुर यमुना पुल निर्माण और सड़क सुदृढ़ीकरण परियोजनाओं की प्रगति से क्षेत्र के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। पुल के तैयार होने पर हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र में संपर्क बेहतर होगा, जिससे आवागमन सुगम होगा और समय की बचत होगी।सड़क और स्वास्थ्य केंद्र जैसी परियोजनाएं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और सामाजिक ढांचे को मजबूत करेंगी। यदि प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो क्षेत्र में विकास कार्यों की गति तेज हो सकती है।
निष्कर्ष
समग्र रूप से देखा जाए तो हसनपुर यमुना पुल निर्माण क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रशासन की सक्रिय निगरानी और गुणवत्ता पर जोर यह संकेत देता है कि परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले महीनों में इन कार्यों की वास्तविक प्रगति ही तय करेगी कि यह पहल कितनी प्रभावी साबित होती है।