हाई पावर परचेज कमेटी बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
हरियाणा में विकास परियोजनाओं को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी बैठक में राज्य के 40 से अधिक विभागों की खरीद प्रक्रियाओं को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई। यह निर्णय बिजली, पेयजल, सड़क, परिवहन, ऊर्जा और शहरी अवसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं को तेज रफ्तार देने के उद्देश्य से लिया गया है।बैठक में स्पष्ट किया गया कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और कार्यान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाई पावर परचेज कमेटी बैठक में किन प्रस्तावों को मिली मंजूरी
बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें स्वीकृति दी गई। पेयजल क्षेत्र में पलवल, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों की परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई, जिनका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित करना है।सड़क अवसंरचना के तहत झज्जर और टोहाना में सड़क सुदृढ़ीकरण कार्यों को मंजूरी मिली। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा और परिवहन की सुगमता बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत सड़क नेटवर्क से स्थानीय व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
गुरुग्राम और फतेहाबाद में भवन निर्माण से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। इन भवनों का उपयोग प्रशासनिक एवं सार्वजनिक सेवाओं के लिए किया जाएगा, जिससे सेवा वितरण प्रणाली अधिक व्यवस्थित और सुलभ बन सकेगी।
परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष जोर
बैठक में परिवहन क्षेत्र को पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। फरीदाबाद और गुरुग्राम के लिए 200 इलेक्ट्रिक सिटी बसों की खरीद प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की गई। इन बसों के संचालन से शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।ऊर्जा क्षेत्र में नए सब-स्टेशन स्थापित करने और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की खरीद को भी स्वीकृति दी गई। इससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी और तकनीकी बाधाओं में कमी आएगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक पारदर्शिता और निगरानी पर बल
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ-साथ उनकी प्रभावी निगरानी भी आवश्यक है। सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।सरकार का मानना है कि खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने से न केवल परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव होगा। हाई पावर परचेज कमेटी बैठक को इसी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
इन स्वीकृत परियोजनाओं का प्रभाव केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था से निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। पेयजल और बिजली आपूर्ति की स्थिति सुधरने से उद्योगों और छोटे व्यवसायों को स्थिर वातावरण मिलेगा।गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत से हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, जबकि महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जैसे जिलों में जल परियोजनाएं ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारने में सहायक होंगी।
इस खबर का असर क्या होगा?
हाई पावर परचेज कमेटी बैठक में लिए गए निर्णयों का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा। बेहतर पेयजल आपूर्ति, सुदृढ़ सड़क नेटवर्क और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन से जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार से बिजली कटौती की समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संदेश जाएगा।दीर्घकालिक दृष्टि से यह निर्णय राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति देने, निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
राज्य सरकार की हाई पावर परचेज कमेटी बैठक में लिए गए फैसले यह संकेत देते हैं कि बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। यदि स्वीकृत परियोजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से होता है, तो हरियाणा के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विकास की नई गति देखने को मिल सकती है।