समाधान शिविर में आमजन की शिकायतें सुनते विधायक पवन खरखौदा
खरखौदा क्षेत्र में प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से लघु सचिवालय में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। सोमवार को आयोजित इस शिविर में खरखौदा से विधायक पवन खरखौदा ने स्वयं उपस्थित होकर नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए। शिविर के दौरान कुल 12 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर मौके पर ही संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
विधायक ने कहा कि समाधान शिविर केवल शिकायत दर्ज कराने का मंच नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता की समस्याओं का समाधान तय समय में और प्रभावी तरीके से हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और शिकायतकर्ता को संतुष्टि मिलने तक प्रक्रिया पूरी की जाए।
विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें आईं सामने
समाधान शिविर के दौरान खंड विकास एवं पंचायत विभाग, मार्केट कमेटी, नगर पालिका खरखौदा, परिवार पहचान पत्र और वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। कई शिकायतें ऐसी थीं, जिनका समाधान विभागीय स्तर पर तुरंत किया जा सकता था। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि वे नियमों के अनुसार आवश्यक सुधार करें और लाभार्थियों को अनावश्यक देरी से बचाएं।
नगर पालिका से जुड़े मामलों में साफ-सफाई, स्थानीय सुविधाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित समस्याएं उठाई गईं, जबकि पंचायत विभाग से संबंधित शिकायतों में विकास कार्यों और रिकॉर्ड से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।
परिवार पहचान पत्र और सामाजिक योजनाएं प्रमुख मुद्दा
विधायक पवन खरखौदा ने बताया कि समाधान शिविर में बड़ी संख्या में परिवार पहचान पत्र से जुड़ी शिकायतें आती हैं। इनमें परिवार के सदस्यों के नाम जोड़ने या हटाने, आयु और जाति से संबंधित त्रुटियों को ठीक करने जैसे मामले शामिल रहते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहें।
इसके साथ ही दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना, दयालु योजना, आयुष्मान कार्ड और हैप्पी कार्ड से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। विधायक ने कहा कि ये योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके लाभ वितरण में पारदर्शिता और तत्परता जरूरी है।
राजस्व और कृषि से जुड़े मामलों पर भी ध्यान
समाधान शिविर में इंतकाल दर्ज करवाने और “मेरी फसल मेरा ब्योरा” से संबंधित शिकायतें भी आईं। विधायक ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जमीन से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड को समय पर अपडेट किया जाए, ताकि किसानों और आम नागरिकों को भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।
कृषि से संबंधित शिकायतों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए, क्योंकि यह सीधे उनकी आजीविका से जुड़ा मामला है।
मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
समाधान शिविर के दौरान उपमंडल अधिकारी डॉ. निर्मल नागर, नायब तहसीलदार अचिन कुमार, बीडीपीओ सुरेंद्र आर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। विधायक ने एसडीएम के माध्यम से सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का समाधान तुरंत संभव है, उन्हें मौके पर ही निपटाया जाए और शेष मामलों में समयसीमा तय कर शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि समाधान शिविर में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दिए गए निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं।
प्रशासन और जनता के बीच भरोसे का माध्यम
समाधान शिविरों को प्रशासन और जनता के बीच भरोसे का एक मजबूत माध्यम माना जा रहा है। ऐसे शिविरों से नागरिकों को अपनी बात सीधे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। विधायक पवन खरखौदा ने कहा कि भविष्य में भी समाधान शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विभाग में लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि जनता का विश्वास बना रहे।